भारत ने मंगलवार (14 अप्रैल) को अफगानिस्तान में क्षयरोग (टीबी) के खिलाफ चल रहे बाल टीकाकरण कार्यक्रम के लिए 13 टन बीसीजी (बेसिलस कैलमेट-ग्यूरिन) वैक्सीन और संबंधित सामग्री भेजी है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा, “भारत ने अफगानिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय को 13 टन बीसीजी वैक्सीन और उससे जुड़ी सामग्री भेजी है, जिससे वहां के टीबी विरोधी टीकाकरण अभियान को मजबूती मिलेगी।”
बीसीजी वैक्सीन फ्रीज-ड्राइड (लायोफिलाइज्ड) सफेद पाउडर के रूप में होती है, जिसे उपयोग से पहले तरल (डायल्यूएंट) मिलाकर तैयार किया जाता है। यह वैक्सीन 10 से 20 डोज वाले वायल्स में पैक की जाती है। इसके लिए ट्यूबरक्युलिन सिरिंज/26G सुई की आवश्यकता होती है और इसे 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान पर संग्रहित किया जाता है।
भारत पहले भी कई बार अफगानिस्तान की सहायता कर चुका है। हाल ही में आई बाढ़ और भूकंप के कारण वहां के लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। उस समय भी भारत ने 5 अप्रैल को मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री (HADR) भेजी थी। रणधीर जायसवाल ने उस दौरान कहा था कि भारत अफगान जनता के साथ एकजुटता से खड़ा है। उन्होंने बताया था कि भारत ने किचन सेट, स्वच्छता किट, प्लास्टिक शीट, तिरपाल और स्लीपिंग बैग जैसी आवश्यक सामग्री भेजी है।
इससे पहले मार्च महीने में भी भारत ने अफगानिस्तान को 2.5 टन आपातकालीन दवाइयां, चिकित्सा सामग्री और उपकरण भेजे थे। यह सहायता काबुल में एक अस्पताल पर हुए हमले में घायल लोगों के लिए दी गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में काबुल के पुल-ए-चरखी इलाके स्थित 2000 बेड वाले ‘ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल’ को निशाना बनाया गया था, जिसमें 400 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और 250 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
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