मुंबई: झमाझम बारिश से दिन की शुरुआत, मॉनसून 10 दिन पहले पहुंचा महाराष्ट्र !

कई जगहों पर जलभराव

मुंबई: झमाझम बारिश से दिन की शुरुआत, मॉनसून 10 दिन पहले पहुंचा महाराष्ट्र !

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सोमवार(26 मई) सुबह मुंबईवासियों की नींद झमाझम बारिश की आवाज़ से खुली, क्योंकि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से महाराष्ट्र की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। शहर के कई हिस्सों में रातभर हुई भारी बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र के तटीय जिलों रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे इन क्षेत्रों में “भारी से बहुत भारी वर्षा” की संभावना जताई गई है। वहीं मुंबई, ठाणे, पालघर और आसपास के जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी है, जिसका अर्थ है “मध्यम से भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें”।

सोमवार तड़के से ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में देखा गया कि मुंबई के कई इलाकों में सड़कें पानी से भर गईं। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के पास तेज़ बारिश के साथ बिजली कड़कने की तस्वीरें सामने आईं। गाड़ियों को पानी में धीरे-धीरे चलते देखा गया और लोग छातों के साथ रास्ता पार करते नजर आए।

IMD के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष मई में मुंबई में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। 25 मई तक कोलाबा वेधशाला में 159.2 मिमी और सांताक्रूज वेधशाला में 164.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे में ही कोलाबा में 35 मिमी और सांताक्रूज में 26.8 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो कि मई के औसत आंकड़ों से कहीं अधिक है।

IMD के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून इस वर्ष 25 मई को महाराष्ट्र पहुंच गया, जो कि सामान्य समय से लगभग 10 दिन पहले है। रविवार शाम तक मॉनसून रत्नागिरी जिले के दापोली तक पहुंच गया था और अब यह तेजी से उत्तर की ओर बढ़ रहा है।

अगर मॉनसून 28 मई को मुंबई पहुंचता है, तो यह शहर के इतिहास में सबसे जल्दी मॉनसून आगमन माना जाएगा। इससे पहले मई 29 (1956, 1962 और 1971) सबसे पहले मॉनसून आगमन की तारीख मानी जाती रही है। मुंबई में सामान्यत: मॉनसून की शुरुआत 7 से 11 जून को होती है।

मॉनसून की तेजी से बढ़ती गति को देखते हुए मौसम विभाग ने मुंबई और उसके उपनगरों के लिए येलो अलर्ट बरकरार रखा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निचले इलाकों में रहने वाले विशेष रूप से सतर्क रहें, क्योंकि जलभराव और यातायात अवरोध जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बारिश के इस दौर में मुंबई में जनजीवन एक बार फिर रुकने की कगार पर आ सकता है, ऐसे में नागरिकों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाहों का पालन करना बेहद ज़रूरी है।

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