टीवी और फिल्म जगत के दिग्गज अभिनेता पंकज धीर का बुधवार(15 अक्टूबर)को मुंबई में निधन हो गया। वे लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। 68 वर्षीय पंकज धीर ने अपनी बीमारी से महीनों तक बहादुरी से लड़ाई लड़ी, लेकिन कुछ महीने पहले कैंसर दोबारा लौट आया, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई थी। इलाज के दौरान उन्होंने एक बड़ी सर्जरी भी कराई थी। उनके अंतिम संस्कार का आयोजन आज मुंबई के विले पार्ले स्थित पवन हंस श्मशान घाट के पास शाम 4:30 बजे किया जाएगा।
पंकज धीर का जन्म 9 नवंबर 1956 को पंजाब में हुआ था। उन्होंने 1980 के दशक की शुरुआत में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की और जल्द ही भारतीय टेलीविजन और सिनेमा की दुनिया में अपनी पहचान बना ली।
बी.आर. चोपड़ा की महाभारत (1988) में निभाए गए कर्ण के किरदार ने उन्हें हर घर में मशहूर कर दिया। उनका अभिनय आज भी उस दौर के सबसे यादगार प्रदर्शनों में गिना जाता है।
टेलीविज़न पर उन्होंने कई लोकप्रिय किरदार निभाए, जैसे ‘चंद्रकांता’ (1994–1996) में राजा शिवदत्त, ‘द ग्रेट मराठा’ में सदाशिवराव भाऊ, और ‘ससुराल सिमर का’ में जमनालाल द्विवेदी। सिनेमा में भी उनका सफर उतना ही सफल रहा। उन्होंने ‘सड़क’, ‘बादशाह’, ‘सोल्जर’, ‘तिरंगा’, और ‘राम अवतार’ जैसी फिल्मों में दमदार भूमिकाएं निभाईं।
CINTAA (Cine & TV Artistes Association) ने उनके निधन पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए लिखा,
“गहरी शोक और दुःख के साथ हम यह सूचित करते हैं कि हमारे ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन और CINTAA के पूर्व मानद महासचिव, श्री पंकज धीर जी का 15 अक्टूबर 2025 को निधन हो गया है। अंतिम संस्कार आज शाम 4:30 बजे विले पार्ले (पश्चिम), मुंबई में पवन हंस के पास किया जाएगा।”
पंकज धीर की पत्नी का नाम अनीता धीर है। उनका बेटा निकीतेन धीर भी एक जाने-माने अभिनेता हैं, जिन्होंने ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ और ‘शेरशाह’ जैसी फिल्मों में काम किया है। निकीतेन की पत्नी और टीवी अभिनेत्री कृतिका सेंगर भी अक्सर सोशल मीडिया पर अपने ससुर पंकज धीर के साथ तस्वीरें साझा करती रही हैं।
फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के कलाकारों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। कई लोगों ने लिखा कि “कर्ण” जैसा समर्पित और गरिमामय कलाकार अब दोबारा नहीं मिलेगा। पंकज धीर का जीवन भारतीय टेलीविजन इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय था। एक ऐसा कलाकार जो हर किरदार में जीवन फूंक देता था। ‘महाभारत’ के कर्ण बने पंकज धीर का निधन, कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद 68 वर्ष की उम्र में मुंबई में ली आखिरी सांस
टीवी और फिल्म जगत के दिग्गज अभिनेता पंकज धीर का बुधवार, 15 अक्टूबर 2025 को मुंबई में निधन हो गया। वे लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। 68 वर्षीय पंकज धीर ने अपनी बीमारी से महीनों तक बहादुरी से लड़ाई लड़ी, लेकिन कुछ महीने पहले कैंसर दोबारा लौट आया, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई थी। इलाज के दौरान उन्होंने एक बड़ी सर्जरी भी कराई थी। उनके अंतिम संस्कार का आयोजन आज मुंबई के विले पार्ले स्थित पवन हंस श्मशान घाट के पास शाम 4:30 बजे किया जाएगा।
पंकज धीर का जन्म 9 नवंबर 1956 को पंजाब में हुआ था। उन्होंने 1980 के दशक की शुरुआत में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की और जल्द ही भारतीय टेलीविजन और सिनेमा की दुनिया में अपनी पहचान बना ली।
बी.आर. चोपड़ा की महाभारत (1988) में निभाए गए कर्ण के किरदार ने उन्हें हर घर में मशहूर कर दिया। उनका अभिनय आज भी उस दौर के सबसे यादगार प्रदर्शनों में गिना जाता है।
टेलीविज़न पर उन्होंने कई लोकप्रिय किरदार निभाए, जैसे ‘चंद्रकांता’ (1994–1996) में राजा शिवदत्त, ‘द ग्रेट मराठा’ में सदाशिवराव भाऊ, और ‘ससुराल सिमर का’ में जमनालाल द्विवेदी। सिनेमा में भी उनका सफर उतना ही सफल रहा। उन्होंने ‘सड़क’, ‘बादशाह’, ‘सोल्जर’, ‘तिरंगा’, और ‘राम अवतार’ जैसी फिल्मों में दमदार भूमिकाएं निभाईं।
CINTAA (Cine & TV Artistes Association) ने उनके निधन पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए लिखा,
“गहरी शोक और दुःख के साथ हम यह सूचित करते हैं कि हमारे ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन और CINTAA के पूर्व मानद महासचिव, श्री पंकज धीर जी का 15 अक्टूबर 2025 को निधन हो गया है। अंतिम संस्कार आज शाम 4:30 बजे विले पार्ले (पश्चिम), मुंबई में पवन हंस के पास किया जाएगा।”
पंकज धीर की पत्नी का नाम अनीता धीर है। उनका बेटा निकीतेन धीर भी एक जाने-माने अभिनेता हैं, जिन्होंने ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ और ‘शेरशाह’ जैसी फिल्मों में काम किया है। निकीतेन की पत्नी और टीवी अभिनेत्री कृतिका सेंगर भी अक्सर सोशल मीडिया पर अपने ससुर पंकज धीर के साथ तस्वीरें साझा करती रही हैं।
फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के कलाकारों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। कई लोगों ने लिखा कि “कर्ण” जैसा समर्पित और गरिमामय कलाकार अब दोबारा नहीं मिलेगा। पंकज धीर का जीवन भारतीय टेलीविजन इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय था। एक ऐसा कलाकार जो हर किरदार में जीवन फूंक देता था।
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