आंदोलन की अगुवाई कर रहे जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मोर्चा के स्वयंसेवक भीड़ को रोकने की कोशिश करते रहे। जयपाल सिंह स्टेडियम में नौ दिनों से अनशन पर बैठे जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो को समर्थकों ने कपड़े और डंडे से बनी पालकी में कंधों पर उठाकर विधानसभा के करीब पहुंचाया। एंबुलेंस से विधानसभा की ओर जाते समय जगन्नाथपुर मंदिर के पास उन्हें रोक दिया गया था।
इसके बाद समर्थकों ने उन्हें कंधों पर उठा लिया। कुछ दूर तक उन्हें इसी तरह ले जाया गया। बाद में वह पालकी पर बैठकर धरना स्थल तक पहुंचे। इस दौरान उनके हाथ में पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की तस्वीर भी थी। सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने के बाद जेएलकेएम के विधायक भी आंदोलनकारी छात्रों के बीच पहुंचे। उन्होंने छात्रों से विधानसभा के गेट तक नहीं जाने और उससे पहले रुकने की अपील की।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाए। छात्रों को रोकने के लिए प्रशासन ने कई स्तर पर बैरिकेडिंग की थी। वाटर कैनन के इस्तेमाल के बाद भी प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे। छात्रों ने एक-एक कर आठ बैरिकेडिंग तोड़ दी।
स्थिति संभालने के लिए रिफॉर्म मोर्चा के प्रतिनिधि छात्रों के बीच पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से विधानसभा की ओर आगे नहीं बढ़ने की अपील की। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों से जगन्नाथ मंदिर तक मार्च करने और वहीं धरना देने को कहा। भीड़ में किसी असामाजिक तत्व के होने पर उसकी जानकारी देने की भी अपील की गई।
आंदोलन में विरोध का अलग रंग भी दिखाई दिया। कुछ प्रदर्शनकारी स्पाइडरमैन और वनमानुष की वेशभूषा में पहुंचे। उनके हाथों में संदेश लिखे थे। भीड़ में फिल्म ‘पुष्पा’ के किरदार की झलक भी दिखाई दी। प्रदर्शन की ड्रोन से रिकॉर्डिंग की गई।



