पांच राज्यों के चुनाव नतीजे सामने आते ही यह स्पष्ट हो गया कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। इसी बीच, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान कई केंद्रों पर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुईं।
उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर स्थित राष्ट्रगुरु सुरेंद्रनाथ मतगणना केंद्र पर टकराव हुआ। सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रण में लिया। कूचबिहार के दिनहाटा क्षेत्र में भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ताओं के बीच संघर्ष के बाद भीड़ को तितर-बितर करने और शांति बनाए रखने के लिए केंद्रीय बलों को लाठीचार्ज करना पड़ा।
जलपाईगुड़ी की पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) अंजली सिंह ने बताया कि कूचबिहार की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। उन्होंने कहा, “स्थिति शांत है और कानून-व्यवस्था बनी हुई है। किसी भी प्रकार का व्यवधान नहीं है और न ही इसकी कोई संभावना है… किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है।”
आसनसोल में भी इसी तरह का तनाव देखने को मिला, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं पर टीएमसी के बूथ कैंप में तोड़फोड़ का आरोप लगा। मतगणना केंद्र के पास हुई झड़प के बाद सुरक्षा कर्मियों ने लाठीचार्ज किया। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय के आयुक्त प्रणव कुमार ने कहा, “तोड़फोड़ के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा रही है।”
पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनाने की तैयारी के बीच, अहम मतगणना प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह के तनाव को रोकने के लिए प्रशासन ने सभी मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था तैनात की है।
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