केरल विधानसभा चुनाव में एकमात्र जीत के बाद दस वर्षों के अंतराल के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बार फिर राज्य विधानसभा में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। जहां कांग्रेस ने केरल में बढ़त हासिल करते हुए वामपंथी सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया, वहीं भाजपा ने अपनी सीटों की संख्या 0 से बढ़ाकर 3 कर ली है। पार्टी ने तिरुवनंतपुरम के नेमोम और कझक्कूट्टम, तथा कोल्लम के चथनूर सीट से जीत दर्ज की है।
2026 के केरल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने नेमोम, कझक्कूट्टम और चथनूर—इन तीन सीटों पर जीत हासिल कर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने राज्य में सत्ता पर कब्जा कर लिया। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने तिरुवनंतपुरम के नेमोम निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की। यह क्षेत्र केरल में भाजपा का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता है। उन्होंने सीपीआई(एम) के वरिष्ठ नेता और मंत्री वी. शिवनकुट्टी को 3,590 वोटों से हराया, जबकि कांग्रेस के युवा नेता के. एस. शबरीनाथन तीसरे स्थान पर रहे।
कझक्कूट्टम सीट पर भाजपा के एक और पूर्व केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन ने जीत दर्ज की, जिससे तिरुवनंतपुरम क्षेत्र में पार्टी को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली। वहीं, चथनूर में भाजपा उम्मीदवार बी. बी. गोपाकुमार ने कड़े मुकाबले में अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराकर सीट अपने नाम की।
पिछले 12 वर्षों से केंद्र में सत्ता में रहने वाली भाजपा का इस दक्षिण भारतीय राज्य में लगभग कोई प्रभाव नहीं था। 2016 में नेमोम से मिली एकमात्र सीट भी 2021 के चुनाव में पार्टी ने गंवा दी थी। ऐसे में 2026 में तीन सीटों की यह जीत भाजपा के लिए महत्वपूर्ण वापसी मानी जा रही है।
यह भी पढ़ें:
केरल चुनाव परिणाम: यूडीएफ की बढ़त के बीच कांग्रेस मुख्यालय में जश्न का माहौल!
जनहानि, पशुहानि, घायलों व आपदा से प्रभावितों को 24 घंटे में दिलाएं मुआवजा : मुख्यमंत्री!
तमिलनाडु रुझानों में टीवीके का जलवा, कोलाथुर में स्टालिन पीछे, बड़े उलटफेर के संकेत!



