कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि हम सीपी राधाकृष्णन को राज्यसभा का सभापति बनने पर शुभकामनाएं देते हैं। उन्होंने डॉ. राधाकृष्णन के प्रेरक शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा कि वे किसी एक पार्टी के नहीं थे, बल्कि पूरे सदन के थे और सभी दलों के साथ निष्पक्षता से व्यवहार करते थे।
बता दें कि चुनाव में सीपी राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि विपक्षी उम्मीदवार न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट हासिल हुए। कांग्रेस ने इस जीत को केवल गणितीय करार दिया और कहा कि भाजपा की यह नैतिक और राजनीतिक हार है। रमेश ने दावा किया कि विपक्ष पहले से ज्यादा मजबूत हुआ है, क्योंकि रेड्डी को कुल 40% वोट मिले, जबकि 2022 में यह आंकड़ा केवल 26% था।
वहीं, टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने राधाकृष्णन को सलाह दी कि वे राज्यसभा को निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह बनाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले आठ वर्षों में विपक्षी सांसदों के नोटिसों की अनदेखी हुई और नियम 267 के तहत किसी जरूरी मुद्दे पर एक भी चर्चा नहीं कराई गई।
डेरेक ने दिसंबर 2023 में 146 सांसदों के निलंबन को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि संसद टीवी पर विपक्ष की आवाज को सेंसर किया जाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि अब बहुत कम विधेयक संसदीय समितियों को भेजे जाते हैं, जिससे कानूनों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए उपराष्ट्रपति लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करेंगे।
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