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Wednesday, July 1, 2026
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कर्नाटक में नशे पर वार, ‘ऑपरेशन राइज’ और ‘बेडा ब्रो’ शुरू!

अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर जारी बयान में सरकार ने कहा कि राज्य में नशीले पदार्थों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई गई है।

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कर्नाटक सरकार ने राज्य को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को दो बड़े अभियान ‘ऑपरेशन राइज’ और ‘बेडा ब्रो’ की शुरुआत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने कहा कि मादक पदार्थों और साइकोट्रॉपिक ड्रग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जनजागरूकता और पुनर्वास को साथ लेकर यह अभियान चलाया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर जारी बयान में सरकार ने कहा कि राज्य में नशीले पदार्थों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है। सरकार ने इसे नशे के खिलाफ “युद्ध” बताते हुए कहा कि जब तक इस समस्या का पूरी तरह उन्मूलन नहीं हो जाता, अभियान जारी रहेगा।

सरकार के अनुसार, राज्य के शहरी क्षेत्र नशे की समस्या से सबसे अधिक प्रभावित हैं। इसकी वजह बड़ी छात्र आबादी, कामकाजी युवा, नाइटलाइफ, विदेशी नागरिकों की मौजूदगी और डिजिटल नेटवर्क हैं। जांच एजेंसियों ने कई मामलों में सिंथेटिक ड्रग्स, कूरियर के जरिए सप्लाई और विदेशी नागरिकों की संलिप्तता का खुलासा किया है।

बयान में कहा गया कि कर्नाटक में नशे की समस्या मांग और आपूर्ति दोनों कारणों से बढ़ रही है। युवाओं में साथियों के दबाव, तनाव, मनोरंजन और प्रयोग की प्रवृत्ति के कारण नशे की मांग बढ़ती है, जबकि संगठित अपराध गिरोह, अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क, अंतरराष्ट्रीय गिरोह और डिजिटल प्लेटफॉर्म इसकी आपूर्ति को बढ़ावा देते हैं।

इसी चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) को और मजबूत किया है। इसके तहत पुलिस ‘ऑपरेशन राइज’ के जरिए समन्वित कार्रवाई करेगी, जबकि ‘बेडा ब्रो’ अभियान के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

सरकार ने बताया कि ‘बेडा ब्रो’ अभियान में युवाओं की भाषा और शैली में संदेश देकर उन्हें नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और कानूनी दुष्परिणामों से अवगत कराया जाएगा। साथ ही उन्हें साथियों के दबाव से बचने, सही निर्णय लेने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

इस अभियान के तहत युवाओं को खेल, शिक्षा और कौशल विकास गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया जाएगा। राज्यभर में जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएं, सोशल मीडिया अभियान और संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर कर्नाटक पुलिस अदालत की अनुमति के बाद 97.90 करोड़ रुपये मूल्य के 4,276.405 किलोग्राम जब्त मादक पदार्थों को भी नष्ट करेगी।

सरकार ने नशे के खिलाफ कार्रवाई के आंकड़े भी जारी किए। वर्ष 2025 में पुलिस ने 216.93 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए, जबकि 1 जनवरी से 31 मई 2026 के बीच 184.72 करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामद की गई।

वर्ष 2025 में एनडीपीएस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत 9,064 आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 6,651 लोगों पर कार्रवाई की जा चुकी है।

पुलिस ने वर्ष 2025 में 2,611 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया, जबकि 2026 के पहले पांच महीनों में 1,406 तस्कर पकड़े गए। वहीं, नशीले पदार्थों का सेवन करने के आरोप में 2025 में 6,455 और 2026 में अब तक 5,090 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके अलावा, 2025 में 41 ड्रग निर्माताओं और 2026 में अब तक 17 निर्माताओं को गिरफ्तार किया गया है।

सरकार ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों, शैक्षणिक संस्थानों, नागरिक संगठनों और समाज की भागीदारी के साथ समग्र रणनीति अपनाकर नशे के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा। सरकार ने दोहराया कि राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास लगातार जारी रहेंगे।

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