मीडिया से बात करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए ही काम किया है और इन लोगों का पेंडिंग पिछले कई साल से बकाया पड़ा हुआ था। उनकी फाइल को कोई देख भी नहीं रहा था।
दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि दिवंगत कोविड फ्रंटलाइन सरकारी कर्मचारियों के परिवारों को दी गई एक-एक करोड़ रुपये की यह सहायता राशि, उन कर्मवीरों के प्रति दिल्ली की श्रद्धांजलि है जिन्होंने कर्तव्य को जीवन से बड़ा माना।
उन्होंने लिखा कि इन परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान कर सरकार ने केवल आर्थिक सहयोग नहीं दिया है, बल्कि उस सेवा भावना को नमन किया है जिसने महामारी के सबसे कठिन दौर में दिल्ली को संभाला। इस अवसर पर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह उपस्थित रहे।
सीएम ने लिखा कि कोविड के कठिन दौर में जब जीवन थम-सा गया था, तब दिल्ली के फ्रंटलाइन वर्कर्स अपने कर्तव्यपथ पर अडिग रहे। सेवा और समर्पण की उस भावना ने ही हजारों जीवन बचाए। दिल्ली सरकार उन कर्मयोगियों के परिवारों के साथ खड़ी है, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए प्राणों का बलिदान दिया।
कर्तव्यनिष्ठ इन कर्मचारियों के परिजनों को दिल्ली सरकार द्वारा 1-1 करोड़ रुपए की सम्मान राशि प्रदान की जा रही है। यह उनके साहस, निष्ठा और निस्वार्थ सेवा के प्रति श्रद्धांजलि है और परिजनों के लिए संबल भी।



