मुख्यमंत्री की ओर से किए गए इस पहल को ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ के तहत सार्वजनिक परिवहन, ईंधन संरक्षण और नागरिक भागीदारी की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री के इसी आह्वान के बाद दिल्ली सरकार में कई मंत्रियों और अधिकारियों ने निजी वाहनों के बजाय मेट्रो से अपने कार्यालय पहुंचे। इससे उनकी निजी वाहनों के प्रति निर्भरता कम होगी, तो वहीं मेट्रो पर यात्रियों का भार बढ़ेगा। हालांकि, इस स्थिति से निपटने के लिए मेट्रो की ओर से कमर कसी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पत्रकारों से बातचीत में आम लोगों से सार्वजनिक वाहनों पर निर्भरता बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर आप सार्वजनिक वाहनों पर अपनी निर्भरता बढ़ाएंगे, तो दिल्ली के लोगों को कई तरह के फायदे मिलेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि दिल्ली के लोगों को सार्वजनिक वाहनों का उपयोग करते समय किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। इस दिशा में हमने पूरी रूपरेखा निर्धारित कर ली है और मौजूदा समय में हम उसी के अनुरूप काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि अगर दिल्ली का हर व्यक्ति हमारे इस आह्वान को गंभीरतापूर्वक आत्मसात करेगा, तो इससे हमारी कई प्रकार की समस्याओं का समाधान स्वत: हो जाएगा। इन्हीं सब स्थितियों को ध्यान में रखते हुए हमने आज दिल्ली के लोगों के लिए ‘मेट्रो मंडे’ का आह्वान किया था। इसी को देखते हुए हमारे सभी अधिकारियों ने मेट्रो से सफर करने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि मैं देख पा रही हूं कि हमारे इस आह्वान के बाद कई लोग मेट्रो से कार्यालय पहुंचे। मुझे यह देखकर खुशी हो रही है। इसे एक शुभ संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
इससे पहले 17 मई को दिल्ली मेट्रो ने एक्ट्रा ट्रेन ट्रिप शुरू करने का फैसला किया था। इसके तहत जहां पहले जहां छह ही एक्ट्रा ट्रिप चलते थे, लेकिन अब उसे बढ़ाकर 24 कर दिया गया है। इसका मुख्य मकसद लोगों का निजी वाहनों के प्रति निर्भरता कम करना है।
डीएमआरसी ने अपने बयान में कहा था कि एक्ट्रा ट्रेन ट्रिप शुरू करने के बाद यात्रियों की संख्या में इजाफा दर्ज किया जाना स्वाभाविक है। लिहाज इस स्थिति का सामना करने के लिए दिल्ली मेट्रो की ओर से पूरी रूपरेखा निर्धारित की जा चुकी है, जिसे अब जमीन पर उतारे जाने की भी कवायद शुरू हो चुकी है।
डीएमआरसी ने इस स्थिति से निपटने के लिए मेट्रो स्टेशन के परिसर पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात करने का फैसला किया, ताकि हर प्रकार की चुनौतीपूर्ण स्थिति से समन्वित तरीके से सामना किया जा सके।
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