मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की कार्रवाई, पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के आवास समेत 10 ठिकानों पर छापे

बेटी टी वीणा की कंपनी को कथित तौर पर बिना सेवा दिए 1.72 करोड़ रुपये भुगतान का आरोप, हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद तेज हुई जांच

मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की कार्रवाई, पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के आवास समेत 10 ठिकानों पर छापे

ED raids 10 locations including former Chief Minister Pinarayi Vijayan's residence in money laundering case

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार (27 मई) को केरलम में बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के आवास समेत 10 स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई चर्चित CMRL मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है, जिसमें विजयन की बेटी टी वीणा की कंपनी को कथित रूप से अवैध भुगतान किए जाने के आरोप हैं। अधिकारियों के मुताबिक छापेमारी केरलम के विभिन्न स्थानों पर की गई। इनमें तिरुवनंतपुरम स्थित पिनराई विजयन का किराये का घर भी शामिल है। ED ने यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की है।

जांच एजेंसी का आरोप है कि निजी कंपनी कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) ने वर्ष 2018 से 2019 के बीच विजयन की बेटी टी वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को लगभग 1.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया था, जबकि कंपनी की ओर से कोई वास्तविक सेवा प्रदान नहीं की गई थी। ED का दावा है कि यह भुगतान संदिग्ध लेनदेन के तहत किया गया और इसी आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की गई। एजेंसी ने 2024 में इस मामले में PMLA केस दर्ज किया था।

इस मामले में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम भी हुआ था। केरल उच्च न्यायालय ने CMRL द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें ED की कार्रवाई को रद्द करने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद अब जांच एजेंसी ने कार्रवाई तेज कर दी है।

सूत्रों के अनुसार ED की टीमें दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और कंपनियों के बीच हुए समझौतों से जुड़े सबूत जुटाने में लगी हुई हैं। जांच का फोकस इस बात पर है कि क्या भुगतान वास्तव में किसी सेवा के बदले हुआ था या फिर यह अवैध वित्तीय लेनदेन का हिस्सा था।

हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन या उनकी बेटी टी वीणा की ओर से इस ताजा कार्रवाई पर तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पहले भी विपक्षी दल इस मामले को लेकर वाम सरकार और विजयन परिवार पर सवाल उठाते रहे हैं, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष इन आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताता रहा है।

यह मामला केरल की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है। अब ED की छापेमारी के बाद राज्य की राजनीतिक हलचल और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ा सकता है, जबकि जांच एजेंसी आने वाले दिनों में और पूछताछ या दस्तावेजी कार्रवाई कर सकती है।

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