पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा विवाद सामने आया है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के मौजूदा विधायक मनोज तिवारी ने पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके लिए ‘TMC का चैप्टर खत्म हो चुका है।’ तिवारी ने दावा किया कि हावड़ा के शिवपुर सीट से उन्हें टिकट इसलिए नहीं दिया गया क्योंकि उन्होंने 5 करोड़ रुपये देने से इनकार कर दिया।
40 वर्षीय तिवारी बंगाल क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा रन (10,195 फर्स्ट क्लास रन) बनाने वाले बल्लेबाज रहे हैं, ममता बनर्जी सरकार में खेल राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत के बाद उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
एक इंटरव्यू में तिवारी ने कहा, “मुझे इस हार पर बिल्कुल आश्चर्य नहीं है। जब पूरी पार्टी भ्रष्टाचार में लिप्त हो और किसी क्षेत्र में विकास न हो, तो ऐसा होना तय है।” उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार कम से कम 70-72 उम्मीदवारों ने टिकट पाने के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये तक दिए। तिवारी ने बताया कि उन्हें भी इसी तरह का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। उन्होंने कहा,“मुझसे भी पैसे मांगे गए, लेकिन मैंने साफ मना कर दिया। आप खुद देख लीजिए कि जिन्होंने पैसे दिए, उनमें से कितने जीत पाए।”
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि शुरू में उनका राजनीति में आने का इरादा नहीं था। 2019 में उन्हें लोकसभा चुनाव लड़ने का प्रस्ताव मिला था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया था। हालांकि, 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी के कहने पर उन्होंने शिवपुर सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
तिवारी ने TMC में आंतरिक लोकतंत्र की कमी का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बैठकों में मंत्रियों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलता था। अगर मैं किसी मुद्दे पर ध्यान दिलाने की कोशिश करता, तो मुझे बीच में ही रोक दिया जाता।
हावड़ा में जल निकासी और सीवेज जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई। तिवारी के मुताबिक, उन्होंने कई बार इन मुद्दों को उठाया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ विकास कार्य उन्होंने अपनी जेब से पैसे लगाकर पूरे करवाए।
उन पर लगे जबरन वसूली के आरोपों को भी तिवारी ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि उनके पास पहले से पर्याप्त संपत्ति है और उन्हें ऐसे किसी काम की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, मैंने IPL में 10 साल और फर्स्ट क्लास क्रिकेट 20 साल खेला है, मुझे किसी से पैसे लेने की जरूरत नहीं।
खेल मंत्री अरूप विश्वास पर भी तिवारी ने निशाना साधा और आरोप लगाया कि उन्होंने उन्हें काम करने का मौका नहीं दिया। तिवारी ने कहा कि उन्हें कई कार्यक्रमों में मंच पर भी नहीं बुलाया जाता था। राजनीति से आगे बढ़ते हुए तिवारी अब क्रिकेट कोचिंग में करियर बनाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने बंगाल रणजी टीम के मुख्य कोच पद के लिए आवेदन किया है और BCCI लेवल-2 कोचिंग परीक्षा भी पास कर चुके हैं।
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