30.8 C
Mumbai
Tuesday, June 16, 2026
होमक्राईमनामाबांग्लादेश में हत्या मामले में पूर्व सांसद शेख मुजीबुर रहमान जेल भेजे...

बांग्लादेश में हत्या मामले में पूर्व सांसद शेख मुजीबुर रहमान जेल भेजे गए!

अभियोजन विभाग के सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद शमीम ने बताया कि अतिरिक्त मुख्य महानगरीय मजिस्ट्रेट जाकिर हुसैन ने बुधवार को जांच अधिकारी की याचिका पर यह आदेश जारी किया।

Google News Follow

Related

हत्या के एक मामले में बुधवार को बांग्लादेश की एक अदालत ने पूर्व सांसद और अवामी लीग के नेता शेख मुजीबुर रहमान को जेल भेज दिया है। यह मामला जुलाई 2024 में ढाका के उत्तरा इलाके में हुए प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी की घटना से जुड़ा है।

अभियोजन विभाग के सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद शमीम ने बताया कि अतिरिक्त मुख्य महानगरीय मजिस्ट्रेट जाकिर हुसैन ने बुधवार को जांच अधिकारी की याचिका पर यह आदेश जारी किया।

बांग्लादेश के प्रमुख अखबार द ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, रहमान को मंगलवार देर रात उत्तरा वेस्ट पुलिस स्टेशन के तहत सेक्टर-11 स्थित घर से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद जांच अधिकारी शाहीन महमूद ने उन्हें अदालत में पेश किया और पूछताछ के लिए हिरासत में लेने की मांग की।

रिकॉर्ड के मुताबिक 19 जुलाई 2024 को प्रदर्शन के दौरान उत्तरा के सेक्टर-7 में असदुल्लाह नामक व्यक्ति को गोली लगी थी। घटना के बाद पत्नी ने तुराग पुलिस स्टेशन में एक सामान्य डायरी (जीडी) दर्ज कराई थी। 11 अगस्त 2024 को परिवार ने ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मुर्दाघर में उनकी पहचान की और इस घटना को लेकर हत्या का मामला दर्ज कराया।

पिछले महीने अवामी लीग ने जुलाई 2024 के प्रदर्शनों से जुड़े मामलों की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर चिंता जताई थी। पार्टी का आरोप है कि इनमें से कई मामले ‘झूठे और मनगढ़ंत’ हैं।

पार्टी का कहना है कि जिन मामलों से न्याय और जवाबदेही सुनिश्चित होने की उम्मीद थी, उनमें से कई का इस्तेमाल व्यक्तिगत बदला लेने, आर्थिक फायदा उठाने और राजनीतिक या निजी विरोधियों को फंसाने के लिए किया गया।

अवामी लीग ने जांच से जुड़ी जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि अब तक जिन मामलों की समीक्षा की गई है, उनमें से बड़ी संख्या में आरोपों को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं मिला। इसी वजह से जांचकर्ताओं ने कई आरोपियों के खिलाफ आरोप हटाने की सिफारिश की है।

पार्टी ने कहा, “इससे गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं कि इतने महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाक्रम से जुड़े कितने मामले वास्तव में सही थे और कितने राजनीतिक या व्यक्तिगत मकसद से दर्ज किए गए थे।”

पार्टी ने पीबीआई मुख्यालय के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि इस साल 22 अप्रैल तक जुलाई 2024 के प्रदर्शनों से जुड़े 195 मामलों की जांच की जिम्मेदारी एजेंसी को सौंपी गई थी।

अवामी लीग के अनुसार, “जांच में 24 मामलों में कोई सबूत नहीं मिला। इसके अलावा 20 मामले शिकायतकर्ताओं ने वापस ले लिए, जिनमें से अधिकांश कथित तौर पर झूठे थे। सात मामले इसलिए वापस लिए गए क्योंकि एक ही घटना को लेकर दो-दो मामले दर्ज किए गए थे, जबकि एक मामले में शिकायतकर्ता अदालत में पेश ही नहीं हुआ। कुल मिलाकर पीबीआई ने 52 ऐसे मामलों पर जांच रिपोर्ट दाखिल की है जिन्हें साबित नहीं किया जा सका या जो अन्य कारणों से अमान्य पाए गए।”

यह भी पढ़ें-

सैन्य कमांडरों की वित्तीय शक्तियों में वृद्धि, रक्षा खरीद व आत्मनिर्भरता को मजबूती!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,351फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
315,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें