आरोप है कि बारियातू थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास और तीन अन्य पुलिसकर्मी महिला को अपने साथ ले गए। महिला ने रास्ते में मारपीट करने, दुर्व्यवहार और जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के मुताबिक, थाने में भी महिला के साथ मारपीट की गई। उन्हें कथित तौर पर हाथ बांधकर उल्टा लटकाया गया और डंडों से पीटा गया। महिला ने पुलिसकर्मियों पर यौन दुर्व्यवहार के भी आरोप लगाए हैं।
आवेदन में यह आरोप भी लगाया गया है कि पुलिसकर्मियों ने महिला पर पोस्ता की खेती करने का आरोप लगाया और घर में शादी के लिए रखे 80 हजार रुपये जबरन ले लिए। महिला को अगले दिन रात में थाने से छोड़े जाने की बात कही गई है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के विरोध में ग्रामीणों ने लातेहार के पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत देते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को जांच के निर्देश दिए।
लातेहार पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच के लिए बालूमाथ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और एक महिला पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में जांच दल गठित किया है। झारखंड जनाधिकार महासभा और स्थानीय आदिवासी संगठनों ने आरोपित पुलिसकर्मियों को निलंबित करने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है।
