“अगर किसी ने बदमाशी करी, तो उनका कायदे से इलाज किया जाएगा”

पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा की TMC के गुंडों को चेतावनी!

“अगर किसी ने बदमाशी करी, तो उनका कायदे से इलाज किया जाएगा”

"If anyone misbehaves, they will be dealt with legally."

पश्चिम बंगाल में चल रहे चुनावी अभियान के बीच फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में एक घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। चुनाव ड्यूटी पर तैनात IPS अधिकारी और पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा का तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार जहांगीर खान के खिलाफ मतदाताओं को डराने-धमकाने की शिकायतों पर कड़ी चेतावनी देते हुए एक वीडिओ वायरल हुआ है। इसमें IPS अजय पाल शर्मा कहते हुए दिख रहें है, “अगर किसी ने बदमाशी करी, तो उनका कायदे से इलाज किया जाएगा।”

अधिकारियों के अनुसार, स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया था कि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान के समर्थक गुंडे मतदाताओं को धमकाने का प्रयास कर रहे हैं। इन शिकायतों के बाद अजय पाल शर्मा मौके पर पहुंचे। हालांकि, उस समय उम्मीदवार स्वयं मौजूद नहीं थे और प्रारंभ में स्थानीय लोगों तथा पुलिस ने उनके घर की जानकारी भी साझा नहीं की। बाद में तलाशी के दौरान शर्मा और उनकी टीम ने घर का पता लगाकर वहां पहुंच बनाई।

उम्मीदवार के घर पर मौजूद परिजनों को संबोधित करते हुए शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “पक्का करें कि वह समझे। अगर लोगों को धमकाए जाने की शिकायतें आती हैं, तो हम उससे ठीक से निपटेंगे। अगर कोई गलत काम करता है या वोटर्स को परेशान करने की कोशिश करता है, तो हम सख्त एक्शन लेंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “जहांगीर से कहो कि बार-बार शिकायतें आ रही हैं कि उसके लोग दूसरों को धमका रहे हैं। अगर ऐसा होता रहा तो हम इसे गंभीरता से लेंगे। बाद में कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए।”

 

निरीक्षण के दौरान अजय पाल शर्मा ने पाया कि जहांगीर खान के आवास पर 14 पुलिसकर्मी तैनात थे। जब उन्होंने स्थानीय पुलिस अधीक्षक से जानकारी मांगी, तो बताया गया कि उम्मीदवार को ‘वाई श्रेणी’ सुरक्षा के तहत 10 कर्मियों की मंजूरी दी गई है। इस अंतर को लेकर शर्मा ने आपत्ति जताते हुए अतिरिक्त तैनाती पर स्पष्टीकरण मांगा और नोटिस जारी किया।

 

इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने शर्मा के कदम का समर्थन करते हुए कहा कि अधिकारी ने सख्त रुख अपनाकर स्पष्ट संदेश दिया है कि चुनाव में डराने-धमकाने की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वहीं, ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। पार्टी ने बयान जारी कर आरोप लगाया कि अधिकारी को चुनाव आयोग द्वारा थोपकर भेजा गया है और उनके पिछले रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए। दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि,”प. बंगाल में भाजपा ने ऑब्जवर के नाम पर रामपुर व संभल में टेस्ट किये हुए अपने एजेंट भेजे हैं लेकिन इनसे कुछ होने वाला नहीं। दीदी हैं, दीदी रहेंगी!”

 

इस घटना ने राज्य में पहले से मौजूद चुनावी तनाव को और बढ़ा दिया है। प्रशासन पर निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने का दबाव है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मतदाताओं को प्रभावित करने या डराने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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