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Monday, May 18, 2026
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भारत की अंतरिक्ष यात्रा प्रतिस्पर्धा नहीं, वसुधैव कुटुम्बकम की सोच: पीएम मोदी!

उन्होंने कहा कि भारत एक साथ सपने देखने, एक साथ निर्माण करने और एक साथ सितारों तक पहुंचने के लिए खड़ा है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत की अंतरिक्ष यात्रा दूसरों से प्रतिस्पर्धा करने को लेकर नहीं है, बल्कि यह ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ पर आधारित है यानी पूरी दुनिया एक परिवार है। वैश्विक शक्तियों के स्पेस एक्सप्लोरेशन में बढ़ती होड़ के बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने स्पेस एक्सप्लोरेशन पर ग्लोबल कॉन्फ्रेंस (जीएलईएक्स 2025) को एक वीडियो संदेश के जरिए संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने स्पेस एक्सप्लोरेशन के माध्यम से सामूहिक विकास का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत का स्पेस विजन ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के प्राचीन ज्ञान पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि दुनिया एक परिवार है। हम न केवल अपने विकास के लिए प्रयासरत हैं, बल्कि वैश्विक ज्ञान को समृद्ध करने, आम चुनौतियों का समाधान करने और भावी पीढ़ियों को प्रेरित करने का भी प्रयास करते हैं। ”

उन्होंने कहा कि भारत एक साथ सपने देखने, एक साथ निर्माण करने और एक साथ सितारों तक पहुंचने के लिए खड़ा है।

उन्होंने विज्ञान और बेहतर कल के लिए साझा सपनों के निर्देशन का आह्वान करते हुए कहा “आइए हम एक साथ मिलकर स्पेस एक्सप्लोरेशन में एक नया अध्याय लिखें।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “अंतरिक्ष सिर्फ एक गंतव्य नहीं है। यह जिज्ञासा, साहस और सामूहिक प्रगति की घोषणा है। भारतीय अंतरिक्ष यात्रा इसी भावना को दर्शाती है। 1963 में एक छोटे रॉकेट को लॉन्च करने से लेकर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने वाला पहला देश बनने तक, हमारी यात्रा शानदार रही है। हमारे रॉकेट पेलोड से कहीं ज्यादा ले जाते हैं। वे 1.4 बिलियन भारतीयों के सपनों को साथ लेकर चलते हैं।”

उन्होंने सफल मंगल मिशन, चंद्रयान-1, चंद्रयान-2, चंद्रयान-3, क्रायोजेनिक इंजन लॉन्च और सैटेलाइट डॉकिंग जैसी अंतरिक्ष उपलब्धियों को सूचीबद्ध किया और इन्हें ‘महत्वपूर्ण वैज्ञानिक मील का पत्थर’ करार दिया।

उन्होंने इस साल के अपकमिंग मिशन ह्युमन स्पेस फ्लाइट मिशन ‘गगनयान’, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए इसरो-नासा के संयुक्त मिशन, 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की स्थापना और 2040 तक चंद्रमा मिशन जैसे आगामी मिशनों की भी घोषणा की।

पीएम मोदी ने कहा, “मंगल और शुक्र भी हमारे रडार पर हैं। एक्सप्लोरेशन के अलावा, देश की अंतरिक्ष यात्रा सशक्तीकरण को लेकर भी है।”

उन्होंने कहा, “यह शासन को सशक्त बनाता है, आजीविका को बढ़ाता है और पीढ़ियों को प्रेरित करता है। मछुआरों को चेतावनी देने से लेकर गतिशक्ति प्लेटफॉर्म तक, रेलवे सुरक्षा से लेकर मौसम के पूर्वानुमान तक, हमारे सैटेलाइट हर भारतीय के कल्याण का ध्यान रखते हैं।”

 
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