लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने NEET पेपर लीक को लेकर ‘इस्तीफा दो, इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगाए। विपक्ष की मांग है कि प्रधानमंत्री सदन में माफी मांगें और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाएं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, हम आज सदन में चर्चा के लिए तैयार हैं, बस विपक्ष नई शर्तें न रखे। इससे देश की इमेज खराब होगी। हंगामे के कारण दोनों सदनों को 27 जुलाई तक स्थगित कर दिया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, अगर प्रधानमंत्री मोदी सदन में बयान देते हैं, तभी हम उनकी बातों को सच मानेंगे। रात 12 बजे बयान जारी करने के बजाय उन्हें सदन में बोलना चाहिए। सदन में हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही लगातार पांचवें दिन स्थगित कर दी गई। NEET पेपर लीक पर हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही 27 जुलाई सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कल कोर्ट में पेंडिंग ‘पेपर लीक’ मामलों की सुनवाई के लिए स्पेशल ‘फास्ट-ट्रैक’ कोर्ट बनाने का फैसला किया। ये कोर्ट रोज़ाना सुनवाई करेंगे, मामलों की प्रोसेसिंग में तेज़ी लाएंगे और यह पक्का करेंगे कि जांच तय समय में पूरी हो, ताकि युवाओं को इंसाफ मिल सके। यह बहुत ज़रूरी फैसला है।
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