US ने भारत समेत 17 देशों से इंपोर्ट होने वाले सामान पर 10% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जो जबरन मजदूरी से बने प्रोडक्ट्स के इंपोर्ट के खिलाफ एक्शन है।
US ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) जेमिसन ग्रीर ने शुक्रवार को ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 301 के तहत 60 देशों पर नए टैरिफ लगाने का ऐलान किया। यह फैसला सभी देशों पर लगाए गए एक्स्ट्रा 10% टैरिफ के खत्म होने से एक दिन पहले आया। USTR की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया कि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के कहने पर, जेमिसन ग्रीर ने उन 60 इकॉनमी के खिलाफ आखिरी एक्शन लिया है जो जबरन मजदूरी से बने प्रोडक्ट्स के इंपोर्ट पर असरदार तरीके से रोक लगाने और उन्हें लागू करने में नाकाम रही हैं। ग्रीर ने कहा, “यह फैसला ह्यूमन राइट्स के उल्लंघन को रोकने और ग्लोबल ट्रेड में गड़बड़ियों को खत्म करने के लिए लिया गया था। इससे दुनिया भर के वर्कर्स के हितों की ज्यादा असरदार तरीके से रक्षा होगी।”
भारत, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, बांग्लादेश और पाकिस्तान समेत कुल 17 देशों पर 10 परसेंट टैरिफ लगेगा। पिछली प्रस्तावित लिस्ट में भारत 12.5 परसेंट टैरिफ वाले देशों के ग्रुप में शामिल था।
इस बारे में जारी फेडरल नोट में कहा गया है कि जून में प्रस्तावित टैरिफ की घोषणा के बाद, भारत ने जबरन मजदूरी से बने प्रोडक्ट्स के इम्पोर्ट पर बैन लगाने का फैसला किया। इसके मुताबिक, 14 जून को भारत ने अपनी फॉरेन ट्रेड पॉलिसी में बदलाव किया और ऐसे सामानों के इम्पोर्ट पर बैन लागू कर दिया।
ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने ये दोनों जांच तब शुरू कीं जब फरवरी में US सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि पिछले साल लगाए गए “रेसिप्रोकल टैरिफ” गैर-कानूनी थे क्योंकि उन्हें इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल करके लगाया गया था। इसके बाद ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने सभी देशों पर 10 परसेंट टैरिफ लगा दिया। यह टैरिफ शुक्रवार को खत्म हो रहा है।
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