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Friday, February 23, 2024
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जिस सीट के लिए देवड़ा ने छोड़ा “हाथ”, जाने उस पर किसका पलड़ा भारी?

साउथ मुंबई की लोकसभा सीट पर बढ़ सकती हैं उद्धव गुट की मुश्किलें

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महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा रविवार को कांग्रेस पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। इसके साथ ही मिलिंद देवड़ा ने शिंदे गुट की शिवसेना का दामन थाम लिया। दावा किया जा रहा है कि मिलिंद देवड़ा साउथ मुंबई की लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते है। जिस पर अभी इंडिया गठबंधन में शामिल उद्धव गुट की शिवसेना दावा कर रही है। इस सीट को लेकर उद्धव गुट के दावे के बाद उन्होंने कांग्रेस आलाकमान से सम्पर्क साधने की कोशिश की थी, लेकिन राहुल गांधी से सम्पर्क नहीं हो सका। बहरहाल, देखते है कि जिस साउथ मुंबई की सीट के लिए देवड़ा ने कांग्रेस का साथ छोड़ा है उस पर किसका पलड़ा भारी है।

55 साल पुराना रिश्ता खत्म

गौरतलब है कि, मिलिंद देवड़ा ने रविवार को सुबह एक्स सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया,और मेरी राजनीति यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय का समापन है। उन्होंने एक्स सोशल मिडिया पर लिखा ” पार्टी के साथ मेरे परिवार का 55 साल पुराना रिश्ता खत्म हुआ। मै वर्षों से उनके अटूट समर्थन के लिए सभी नेताओं, साथियों और कार्यकर्ताओं का आभारी हूं।”

दक्षिण मुंबई लोकसभा सीट पर देवड़ा का दबदबा

बता दें कि, मिलिंद देवड़ा शिंदे गुट में शिवसेना में शामिल हो गए। अब अगर मिलिंद देवड़ा साउथ मुंबई की लोकसभा सीट से चुनाव लडते है तो शिंदे गुट का पलड़ा भारी रह सकता है। मिलिंद देवड़ा का इस सीट से भावनात्मक लगाव है। दरअसल, दक्षिण मुंबई लोकसभा सीट अब तक हुए 17 लोकसभा चुनाव में 10 बार कांग्रेस प्रत्याशी ने जीत दर्ज किया है। इसमें छह बार देवड़ा परिवार ने विजय पताका फहराया है। चार बार मिलिंद देवड़ा के स्व.पिता मुरली देवड़ा ने जीत दर्ज किया था, जबकि दो बार मिलिंद देवड़ा को जीत नसीब हुई है। इस आंकड़े को देखते हुए कहा जा सकता है कि इस सीट पर देवड़ा परिवार का कितना दबदबा है। लेकिन, 2014 और 2019 में मोदी लहर में देवड़ा परिवार उखड़ गया और बीजेपी और अविभाजित शिवसेना के उम्मीदवार अरविंद सावंत ने दोनों बार जीत हासिल किया। सबसे बड़ी बात यह है कि दोनों चुनावों में देवड़ा परिवार को अच्छा खासा वोट मिला था।

उद्धव गुट की मुश्किलें बढ़ सकती है

अब जबकि शिवसेना शिंदे गुट और उद्धव गुट में बंट चुकी है, तो उद्धव गुट इस सीट पर दावा कर रहा है। जो इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं और लोकसभा चुनाव उद्धव गुट कांग्रेस और शरद पवार गुट साथ मिलकर लड़ेगा। ऐसे में अरविंद सावंत के इस सीट से एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरने की सुगबुगाहट है। माना जा रहा है कि अगर इस सीट पर देवड़ा को बीजेपी का साथ मिलता है तो उद्धव गुट की मुश्किलें बढ़ सकती है। दूसरी बात यह है कि शिवसेना के विभाजन के बाद उद्धव गुट कमजोर हुआ है। कांग्रेस भी बिना देवड़ा के इस इलाके में कमजोर होगी। इस लिहाज कहा जा सकता है कि देवड़ा के आने से शिंदे गुट का फिलहाल पलड़ा भारी लग रहा है।

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