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Monday, August 10, 2026
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जी-7 की मांग पर उत्तर कोरिया का सख्त संदेश, परमाणु कार्यक्रम पर कोई समझौता नहीं!

उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया से परमाणु हथियार छोड़ने की मांग करना 'पुरानी सोच' है। उनकी यह टिप्पणी जी7 देशों के नेताओं की ओर से जारी एक संयुक्त बयान के जवाब में आई।

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जी7 देशों के नेताओं की ओर से उठाए गए मुद्दे पर प्रत‍िक्रि‍या देते हुए उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग ने गुरुवार को परमाणु निरस्त्रीकरण की अंतरराष्ट्रीय मांगों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश के परमाणु हथियार उसके ‘मुख्य हितों’ का हिस्सा हैं।

योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी ‘केसीएनएस’ की ओर से जारी बयान में किम यो-जोंग ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया से परमाणु हथियार छोड़ने की मांग करना ‘पुरानी सोच’ है। उनकी यह टिप्पणी जी7 देशों के नेताओं की ओर से जारी एक संयुक्त बयान के जवाब में आई।

बुधवार को हुए शिखर सम्मेलन में जी7 नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुसार उत्तर कोरिया के ‘पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण’ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।

किम यो-जोंग ने जी7 की इस मांग को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि परमाणु निरस्त्रीकरण का मुद्दा अब हमेशा के लिए समाप्त हो चुका है और इसे कभी लागू नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा, “परमाणु हथियार हमारी संप्रभुता की रक्षा का शक्तिशाली साधन हैं और शांति सुनिश्चित करने की आधारशिला हैं। यह डीपीआरके के कानून में भी तय है।”

उन्होंने दावा किया कि उत्तर कोरिया का परमाणु हथियार कार्यक्रम केवल आत्मरक्षा के लिए है।

किम यो-जोंग ने चेतावनी देते हुए कहा क‍ि जो कोई भी एक परमाणु शक्ति संपन्न देश के मुख्य हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, वह खुद अपने लिए बड़ी मुसीबत को न्योता देगा।

अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और इटली के नेताओं ने सोमवार से बुधवार तक फ्रांस के एवियन में बैठक की। इसके बाद उन्होंने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, मध्य पूर्व और यूक्रेन से जुड़े भू-राजनीतिक मुद्दों पर एक संयुक्त बयान जारी किया।

बयान में कहा गया, “हमें उत्तर कोरिया के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को लेकर गहरी चिंता है। हम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुसार उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।”

जी7 नेताओं ने उत्तर कोरिया से मांग की गई कि वह अपहृत लोगों के मुद्दे का तुरंत समाधान करे। माना जाता है कि 1970 और 1980 के दशक में कई लोगों का उत्तर कोरिया की ओर से अपहरण किया गया था।

इसके अलावा, उन्होंने उत्तर कोरिया की ओर से कथित रूप से की जा रही क्रिप्टोकरेंसी चोरी और साइबर अपराधों से निपटने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

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