28.2 C
Mumbai
Wednesday, July 8, 2026
होमदेश दुनियातनाव के बीच ईरान से तेल-गैस आपूर्ति जारी, भारत की बड़ी जीत!

तनाव के बीच ईरान से तेल-गैस आपूर्ति जारी, भारत की बड़ी जीत!

उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अहम समुद्री मार्ग के जरिए भारत तक ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति बनी हुई है, जो भारत की कूटनीतिक सफलता को दर्शाता है।

Google News Follow

Related

ईरान में जारी युद्ध को लेकर पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि मौजूदा हालात बेहद जटिल हैं और इस संघर्ष को समाप्त कराना किसी एक देश के बस की बात नहीं है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “ऐसी स्थिति में किसी अन्य देश से यह उम्मीद करना कि वह अपने दम पर युद्ध को समाप्त कर देगा, व्यावहारिक नहीं है। हालांकि उन्होंने भारत की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सभी देशों से शांति की अपील करना एक सकारात्मक और सराहनीय कदम है।”

उन्होंने कहा कि भारत ने वैश्विक मंच पर शांति का संदेश देने का प्रयास किया है, जो उसकी बढ़ती अंतरराष्ट्रीय साख को दर्शाता है। ईरान, इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे प्रमुख देशों के सीधे तौर पर शामिल होने के कारण यह युद्ध अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेचीदा बन गया है।

पूर्व मंत्री ने यह भी बताया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद भारत ने ईरान, इजराइल और अमेरिका तीनों देशों के साथ संतुलित और मजबूत संबंध बनाए रखे हैं। यही कारण है कि वर्तमान तनाव के बावजूद ईरान से भारत को गैस और पेट्रोल की आपूर्ति जारी है।

उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अहम समुद्री मार्ग के जरिए भारत तक ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति बनी हुई है, जो भारत की कूटनीतिक सफलता को दर्शाता है।

अश्विनी कुमार ने आगे कहा कि यदि भारत वास्तव में “विश्वगुरु” बनने की दिशा में अग्रसर है, तो उसे एक शांति दूत के रूप में भी उभरना होगा। उनका मानना है कि भारत की जिम्मेदारी केवल अपने हितों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे वैश्विक शांति स्थापित करने में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से अपेक्षाओं पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ऐसी संवेदनशील परिस्थितियों में विपक्ष को सरकार के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन राष्ट्रीय हित सर्वोपरि होना चाहिए।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश की विदेश नीति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार के पास पर्याप्त जानकारी और अनुभव होता है, इसलिए विपक्ष को इन फैसलों का समर्थन करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार या प्रधानमंत्री पर गलत नीयत के आरोप लगाना उचित नहीं है, खासकर तब जब देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा हो। उन्होंने मौजूदा वैश्विक संकट में भारत की संतुलित कूटनीति और आंतरिक राजनीतिक एकता की आवश्यकता पर जोर दिया।

यह भी पढ़ें-

एलपीजी सिलेंडर के लिए एड्रेस प्रूफ जरूरी नहीं, सरकार का बड़ा फैसला! 

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,145फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
320,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें