भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने एक बार फिर पाकिस्तान पर आतंकवाद के समर्थन को लेकर कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा सात सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडलों को विभिन्न देशों में भेजने का फैसला पाकिस्तान के खिलाफ कूटनीतिक सर्जिकल स्ट्राइक है।
आईएएनएस से बातचीत में चुघ ने कहा, “पाकिस्तान का घिनौना, भद्दा और घटिया चेहरा बेनकाब करने के लिए पीएम मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार ने सर्वदलीय सांसदों के प्रतिनिधिमंडलों को दुनियाभर में भेजने का फैसला किया है। यह फैसला पाकिस्तान में आतंक को समर्थन देने वाली सरकार पर कूटनीतिक सर्जिकल स्ट्राइक भी है।”
उन्होंने आगे कहा, “पूरे विश्व को यह प्रतिनिधिमंडल जानकारी देगा कि किस तरह पाकिस्तान आतंकवाद की विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटी चला रहा है। आतंकी घटना विश्व में कहीं भी हो, उसके तार पाकिस्तान से निकलते हैं और यही पाकिस्तान का असली चेहरा है।”
ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा करते हुए चुघ ने इसे भारत की सैन्य और कूटनीतिक दोनों ताकत का प्रतीक बताया। उनके अनुसार, यह सिर्फ सैन्य विजय नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक मंच पर भारत की दृढ़ नीति का प्रमाण है।
कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए उन्होंने कहा, “जब देश एकता का परिचय दे रहा है, तब कांग्रेस इस प्रतिनिधिमंडल में नाम न होने को लेकर राजनीति कर रही है। उनके लिए यह राष्ट्रीय सुरक्षा का नहीं बल्कि निजी स्वार्थ का मामला है।”
चुघ ने कांग्रेस पर 26/11 मुंबई हमलों के समय की प्रतिक्रिया को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि “जिनके समय में 26/11 के बाद सिर्फ क्रिकेट बंद हुआ और सफेद झंडे दिखाए गए, वह आज सवाल उठा रहे हैं। भारत ने पहले ही दिन स्पष्ट किया था कि निर्दोषों पर हमला करने वालों को मिट्टी में मिलाया जाएगा — और भारत ने ऐसा करके दिखाया है।”
तरुण चुघ का यह बयान ऐसे समय आया है जब केंद्र सरकार आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटाने और पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय जनमत तैयार करने में सक्रिय नजर आ रही है। भारत द्वारा प्रतिनिधिमंडलों के माध्यम से वैश्विक मंच पर पाकिस्तान की पोल खोलने की यह पहल आने वाले दिनों में विदेश नीति के लिहाज से अहम साबित हो सकती है।
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