प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत को लेकर वहां रह रहे भारतीय मूल के लोगों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। आईएएनएस से बात करते हुए लोगों ने भारत और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपने विचार साझा किए।
भारतीय मूल की एक महिला ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की न्यूजीलैंड की यात्रा हमारे लिए बहुत ही गर्व की बात है। इससे पिछली बार भी जब पीएम मोदी आस्ट्रेलिया आए थे तो हमें उम्मीद थी शायद वह न्यूजीलैंड का भी दौरा करें, लेकिन तब संभव नहीं हो सका। इस बार उनका यहां आना हमारे लिए बहुत ही गर्व की बात है। मैं और यहां मौजूद भारतीय समुदाय से जुड़े लोग उनके आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
बहादुर सिंह कूका ने बताया कि प्रधानमंत्री यहां हमारे बीच आ रहे हैं। यह हमारे लिए बहुत ही ज्यादा खुशी की बात है। यहां मौजूद भारतीय समुदाय को पीएम की यात्रा का बेसब्री से इंतजार है। हम चाहते हैं कि भारत सरकार और न्यूजीलैंड सरकार में संबंध और मजबूत हों।
कूका ने बताया कि दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) का बहुत बड़ा फायदा मिलेगा। यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। मेडिकल के क्षेत्र में इसका बहुत फायदा मिलेगा। अब भारत में एमबीबीएस करके यहां पर आ सकते हैं। यहां डॉक्टरों की बहुत ज्यादा जरूरत है। इसके अलावा इस समझौते का फायदा व्यापार में तो होगा ही।
सुदेश झुनझुनवाला ने कहा कि यह एक बहुत बड़ा इवेंट है। यह हमारे लिए बहुत ही गर्व की बात है कि 40 साल बाद हमारे प्रधानमंत्री यहां न्यूजीलैंड में हमारे बीच आ रहे हैं। दोनों देशों के लिए यह एक खुशी का मौका है क्योंकि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) का फायदा दोनों देशों को मिलने वाला है। इस समझौते के बाद न्यूजीलैंड अपना फल, सीफूड और कृषि से जुड़ी वस्तुएं निर्यात कर सकता है और वहीं भारत भी टेक्नोलॉजी और अन्य क्षेत्र में अपने व्यापार को बढ़ावा दे सकता है।
हेमल जानी ने बताया कि प्रधानमंत्री का हमारे बीच आना बहुत बड़ी खबर है। उनकी जो विश्व में लोकप्रियता है और उनके बात करने का अंदाज और उनकी बातें काफी आकर्षक होती हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच एफटीए समझौता बहुत ही ज्यादा खुशी की बात है।
अब्रीश गुप्ता ने बताया कि पीएम के आने से यह तो तय है कि दोनों देशों के संबंध को बहुत बल मिलेगा। सबसे बड़ी बात है कि यहां मौजूद भारतीय लोगों में पीएम के आने का बहुत ज्यादा उत्साह है। पीएम के स्वागत का सभी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
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