“₹10,000 के लिए बिहार के लोग अपना वोट और बच्चों का भविष्य नहीं बेचेंगे”प्रशांत किशोर का बड़ा बयान

मीडिया के सामने प्रकट होते हुए किशोर ने कहा कि उन्हें हार से निराशा नहीं है और वे जन सुराज के लिए काम जारी रखेंगे।

“₹10,000 के लिए बिहार के लोग अपना वोट और बच्चों का भविष्य नहीं बेचेंगे”प्रशांत किशोर का बड़ा बयान

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जन सुराज पार्टी (JSP) के प्रमुख प्रशांत किशोर ने बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद मंगलवार (18 नवंबर)को पहली बार सार्वजनिक रूप से मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार के मतदाताओं ने अपने वोट ₹10,000 के बदले नहीं बेचे, बल्कि उन्होंने उस सरकार को चुना जिसने विकास के लिए ठोस आर्थिक योजना पेश की थी।

किशोर ने कहा कि आज़ादी के बाद पहली बार किसी सरकार ने बिहार में ₹40,000 करोड़ खर्च करने का वादा किया था, और यही वजह रही कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को इतनी बड़ी जीत मिली।

किशोर ने उन आरोपों को खारिज किया जिनमें कहा जा रहा है कि लोगों ने रिसाव या प्रलोभन में आकर वोट दिया।
उन्होंने कहा, “लोग बोल रहे हैं कि ₹10,000 में लोगों ने अपना वोट बेच दिया। ऐसा बिलकुल नहीं है. लोग अपने बच्चों का भविष्य नहीं बेचेंगे।” उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि बहस का कोई अंत नहीं है, लेकिन जनादेश जनता की आकांक्षाओं को दर्शाता है।

चुनाव विशेषज्ञों के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उस घोषणा का बड़ा असर पड़ा, जिसके तहत महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹10,000 की सहायता देने की बात कही गई थी। किशोर का दावा है कि यह योजना कई गुना व्यापक थी। सरकार ने न केवल ₹10,000 की सहायता की घोषणा की, बल्कि ₹2 लाख का ऋण देने का वादा भी किया था।

उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान सरकारी अधिकारी लोगों तक यह संदेश पहुंचा रहे थे, और जीविका दीदियों को भी इस काम में लगाया गया था। “हर विधानसभा सीट पर लगभग 60,000–62,000 लोगों को ₹10,000 दिए गए और ₹2 लाख के ऋण का वादा किया गया,” उन्होंने बताया।

हाल ही में संपन्न हुए चुनावों में NDA ने 202 सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया। भाजपा को 89 सीटें, जेडीयू को 85 सीटें, एलजेपी को 19 सीटें मिली। वहीं महागठबंधन केवल 34 सीटों पर सिमट गया, जिसमें आरजेडी को 25 सीटें और कांग्रेस 6 सीटों पर सिमिट गई। इस बीच प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी।

मीडिया के सामने प्रकट होते हुए किशोर ने कहा कि उन्हें हार से निराशा नहीं है और वे जन सुराज के लिए काम जारी रखेंगे। उनका बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जहां लोग इसे बिहार की राजनीति में नई बहस की शुरुआत मान रहे हैं। किशोर ने कहा,“जनता समझदार है। वह अपने भविष्य के लिए वादा और विज़न देखती है, महज़ पैसे नहीं।”

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