प्रोपोगेंडा प्रचारक, यूट्यूबर ध्रुव राठी एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार राठी सिख समुदाय के निशाने पर है,आरोप है की राठी ने सिख इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने और सिख गुरु साहिबान की एआई जनरेटेड छवियों का इस्तेमाल किया है। विवाद राठी द्वारा 18 मई को अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए वीडियो “The Sikh Warrior Who Terrified the Mughals | Legend of Banda Singh Bahadur” के बाद भड़का है।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के सदस्य गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने ध्रुव राठी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा,”ध्रुव राठी को सिख इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने और एआई के ज़रिए गुरु साहिबान की छवियों को दिखाने का कोई अधिकार नहीं है। सिख इतिहास और हमारे गुरुओं को अत्यंत सम्मान के साथ देखा जाना चाहिए, न कि किसी व्यवसायिक माध्यम से।”
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वहीं, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने भी राठी के वीडियो की निंदा करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा,”ध्रुव राठी द्वारा सिख योद्धा बाबा बंदा सिंह बहादुर पर बनाए गए वीडियो में एआई जनरेटेड चित्रों का प्रयोग बेहद आपत्तिजनक और सिख भावनाओं के खिलाफ है। यह न सिर्फ सांस्कृतिक रूप से असंवेदनशील है, बल्कि सिख परंपराओं का घोर अपमान है।
कालका ने यह भी जोड़ा कि वीडियो में गुरु तेग बहादुर जी की शहादत और बाबा बंदा सिंह बहादुर जी की विरासत को लेकर कई ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा गया है। सिर्फ SGPC और DSGMC ही नहीं, बल्कि कई सिख सोशल मीडिया यूजर्स और बुद्धिजीवियों ने भी ध्रुव राठी पर नाराजगी जताई है।
गगनदीप सिंह नामक एक यूजर ने लिखा,”वीडियो में राठी ने गुरु गोबिंद सिंह जी और अन्य गुरुओं की एआई एनिमेटेड छवियों को दिखाया है, जो बेहद आपत्तिजनक है। यहां तक कि SGPC द्वारा अनुमोदित फिल्मों में भी केवल स्थिर छवियां और ज्योति (divine light) का प्रयोग किया जाता है, एनिमेटेड मूवमेंट को पूरी तरह वर्जित माना जाता है।”
Just watched a video by Dhruv Rathee titled “Sikh Warrior Who Terrified the Mughals.” As we all know, this is the era of AI, and you’re also promoting your business and AI workshop through the video. But please, do not use Sikh Gurus for commercial purposes.
In the video, Dhruv… pic.twitter.com/vJzSfPsywL
— Gagandeep Singh (@Gagan4344) May 18, 2025
उन्होंने यह भी कहा कि वीडियो में बाल गोबिंद राय (गुरु गोबिंद सिंह जी का बाल रूप) को अपने पिता गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के बाद रोते हुए दिखाया गया, जो ऐतिहासिक रूप से गलत और असम्मानजनक है।
विवाद बढ़ने के बाद भी ध्रुव राठी ने वीडियो हटाने से इनकार कर दिया है। इसके बजाय उसने एक और वीडियो में कहा कि वह कुछ आपत्तिजनक हिस्सों को ब्लर कर सकता हैं, लेकिन उसके अनुसार बिना एआई जनरेटेड एनिमेशन के ऐसा वीडियो बनाना संभव नहीं है।
ध्रुव राठी का यह वीडियो सिख समुदाय की आस्था पर गहरी चोट करता प्रतीत होता है। सिख गुरुओं की छवियों का एआई के माध्यम से निर्माण और ऐतिहासिक तथ्यों को अपने मुताबिक प्रस्तुत करना एक गंभीर मुद्दा बन गया है। SGPC और DSGMC के साथ-साथ आम सिख जनता की नाराजगी यह दर्शाती है कि धार्मिक भावनाओं और इतिहास को लेकर अधिक जिम्मेदार और संवेदनशील रवैया अपनाने की आवश्यकता है।
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