गुंडे भेजकर मतदाताओं को धमकाने वाले TMC उम्मीदवार जहांगीर खान ने पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में होने वाले पुनर्मतदान से ठीक दो दिन पहले चुनावी मैदान से हटने का ऐलान कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार जहांगीर खान ने मंगलवार (19 मई)को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि वह अब आगे कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे। हालांकि उन्होंने अपने फैसले के पीछे कोई स्पष्ट राजनीतिक कारण नहीं बताया, लेकिन पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की खुलकर तारीफ की।
फाल्टा विधानसभा सीट, डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जहां से अभिषेक बॅनर्जी सांसद हैं। जहांगीर खान अभिषेक बनर्जी का करीबी है। लेकिन पुनर्मतदान से पहले इलाके में किसी बड़े TMC नेता की गैरमौजूदगी ने पहले ही राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी थी।
दरअसल, पश्चिम बंगाल की 293 विधानसभा सीटों के नतीजे 4 मई को घोषित कर दिए गए थे, लेकिन भारत निर्वाचन आयोग ने फाल्टा में भारी अनियमितता और EVM के गैर TMC उम्मीदवारों के चिन्ह के साथ छेड़छाड़ के व्यापक मामले देखते हुए इस सीट पर मतदान रद्द कर दिया था।
फाल्टा में TMC पार्टी के गुंडों द्वारा कई बूथों पर मतदाताओं को धमकाने, EVM में छेड़छाड़ करने और विपक्षी उम्मीदवारों के नाम ब्लॉक किए जाने की तस्वीरें सामने आयी थी। साथ ही CCTV फुटेज भी पर्याप्त नहीं होने के कारण मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता की पुष्टि नहीं हो सकी थी।
चुनाव से पहले जहांगीर खान चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में तैनात IPS अधिकारी एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अजय पाल शर्मा को खुली धमकियां दी थी। “सिंघम” नाम से चर्चित अजय पाल शर्मा ने मतदान से पहले खान के घर जाकर परिवार को मतदाताओं को डराने-धमकाने से बचने की चेतावनी दी थी। इसके बाद जहांगीर खान ने खुद को फिल्मी किरदार “पुष्पा” से जोड़ते हुए कहा था, “अगर वह सिंघम हैं, तो मैं पुष्पा हूं।”
हालांकि अब चुनाव से हटते हुए जहांगीर खान का बदला हुआ रुख राजनीतिक हलकों में सवाल खड़े कर रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, “मैं फाल्टा का बेटा हूं और चाहता हूं कि यहां शांति और विकास हो। हमारे मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी फाल्टा के विकास के लिए विशेष पैकेज दे रहे हैं, इसलिए मैं पुनर्मतदान से खुद को अलग कर रहा हूं।”
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक अटकलें और तेज हो गई हैं। समीक भट्टाचार्य ने पहले ही सवाल उठाया था कि फाल्टा में प्रचार के दौरान अभिषेक बनर्जी कहां हैं। वहीं मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी हालिया रैली में तंज कसते हुए पूछा था, “पुष्पा कहां है?”
अब जहांगीर खान के चुनाव छोड़ने पर उनकी अपनी पार्टी के नेता भी सवाल उठा रहे हैं। कुणाल घोष ने कटाक्ष करते हुए कहा, “अगर जहांगीर खान पुष्पा थे, तो फिर झुके क्यों?” फाल्टा उपचुनाव से ठीक पहले आए इस घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है और अब सभी की नजर पुनर्मतदान के नतीजों पर टिकी हुई है।
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