दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, “सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) घोटाला बहुत बड़ा था। यमुना की सफाई के नाम पर अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की जनता को धोखा दिया।
सचदेवा ने आगे कहा, “पिछले 10 सालों में अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की जनता को जिस तरह से धोखा दिया है, यह काम उन्हीं गलत कामों का एक हिस्सा है, जिसमें अब इन छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी केजरीवाल का नाम भी सामने आएगा।”
रचनात्मक कांग्रेस के चेयरपर्सन संदीप दीक्षित ने भी आप सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “उन टेंडर्स और इस घोटाले में क्या हो रहा था, इसकी जानकारी हमें काफी पहले से थी।
उन्होंने आरोप लगाया, “लेकिन केजरीवाल की सरकार बनने के बाद उन्होंने उसे रिटेंडर में डाल दिया। जब सरकार 5 रुपये की चीज को 10 रुपये की करके रिटेंडर करने लगे तो समझ जाइए की कुछ न कुछ तो गड़बड़ है। क्योंकि तकनीकी रूप से इन चीजों को चलने देना चाहिए था, लेकिन केजरीवाल सरकार ने ऐसा नहीं किया। इन्हीं अनियमतताओं के कारण ये फंसे हैं।”
वहीं, कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, “अगर कोई एजेंसी कार्रवाई करती है तो उसके पास पुख्ता सबूत होने चाहिए। 2014 से हम देख रहे हैं कई एजेंसियां भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर काम करती दिख रही हैं। लोगों को छह-छह महीने जेल रखती है और उसके बाद वह कोर्ट से छूटते हैं। उनके छह महीने का हिसाब कौन देगा?”
राजपूत ने कहा, “अगर भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूत हैं तो निश्चित तौर पर सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया जाना चाहिए, लेकिन अगर राजनीतिक आरोप हैं और कोई प्रमाण नहीं है तो राजनीतिक प्रतिशोध यह बहुत गलत है। राजनीति में कभी भी व्यक्तिगत प्रतिशोध नहीं आना चाहिए।”
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने भाजपा पर पलटवार किया। लखनऊ में उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी प्रतिशोधात्मक राजनीति करती है। उसके पास कुछ भी देने के लिए खुद नहीं है। जैसे ही सरकारों में आती है वैसे ही पुरानी सरकारों के खिलाफ राजनीति कर रही है।”



