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विश्व स्वास्थ्य दिवस: भारत में बढ़ते मोटापे से चिंतित हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी!

तेल का कम उपयोग और व्यायाम को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की दी सलाह

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विश्व स्वास्थ्य दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की कि वे स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और मोटापे से बचाव को प्राथमिकता दें। उन्होंने चेतावनी दी कि 2050 तक भारत में 44 करोड़ से अधिक लोग मोटापे से ग्रसित हो सकते हैं, जो एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बन सकता है।

पीएम मोदी ने सोमवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक संदेश में कहा, “विश्व स्वास्थ्य दिवस पर, आइए हम एक स्वस्थ दुनिया के निर्माण की अपनी प्रतिबद्धता दोहराएं। अच्छा स्वास्थ्य किसी भी समृद्ध समाज की नींव है और हमारी सरकार नागरिकों की भलाई के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश जारी रखेगी।”

वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली और असंतुलित खान-पान की आदतें मोटापे के बढ़ते मामलों का प्रमुख कारण हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने खाने में तेल की मात्रा में कम से कम 10 प्रतिशत की कटौती करें। “यह एक छोटा कदम है, लेकिन मोटापे के खिलाफ एक बड़ा युद्ध हो सकता है,” प्रधानमंत्री ने कहा।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना बेहद जरूरी है। “स्वस्थ शरीर से ही स्वस्थ समाज बनता है, और स्वस्थ समाज ही विकसित भारत की नींव रखेगा,” उन्होंने कहा।

प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए मोटापे के बढ़ते खतरे पर चिंता जताई थी। उन्होंने फरवरी 2025 के एपिसोड में कहा था कि देश में हर आठ में से एक व्यक्ति मोटापे से ग्रस्त है और यह दर लगातार बढ़ रही है, विशेषकर बच्चों में। उन्होंने चेताया था कि मोटापा हृदय रोग, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों को जन्म दे सकता है।

प्रधानमंत्री ने एक राष्ट्रीय जन-जागरूकता अभियान शुरू करते हुए दस प्रसिद्ध हस्तियों को नामांकित किया था, जिनमें उद्योगपति आनंद महिंद्रा, अभिनेता आर. माधवन, ओलंपियन मीराबाई चानू, और गायिका श्रेया घोषाल जैसे नाम शामिल हैं। उन्होंने इन सभी से आग्रह किया था कि वे इस संदेश को आगे बढ़ाएं और दस और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी पीएम मोदी की इस पहल की सराहना की है। डॉक्टरों का मानना है कि तेल, चीनी और अत्यधिक कार्बोहाइड्रेट से भरपूर भोजन भारत में तेजी से बढ़ रहे मोटापे का एक बड़ा कारण है। ऐसे में प्रधानमंत्री की अपील समय पर आई है और यह लाखों लोगों की सोच बदल सकती है।

विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री का यह संदेश एक बार फिर दर्शाता है कि मोटापा सिर्फ एक व्यक्तिगत चिंता नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य चुनौती बन चूका है—जिसका समाधान प्रत्येक नागरिक की जागरूकता और संकल्प से ही संभव है।

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