28.5 C
Mumbai
Wednesday, July 29, 2026
होमधर्म संस्कृति2026 की चार धाम यात्रा शुरू: तिथी, मार्ग, पंजीकरण और नए नियमों...

2026 की चार धाम यात्रा शुरू: तिथी, मार्ग, पंजीकरण और नए नियमों की पूरी जानकारी

Google News Follow

Related

उत्तराखंड में बहुप्रतीक्षित चार धाम यात्रा 2026 की शुरुआत हो चुकी है। चार धाम यात्रा हिंदू धर्म की सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ यात्राओं में से एक मानी जाती है। इसमें चार प्रमुख धाम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ शामिल होते है। पारंपरिक रूप से यात्रा की शुरुआत यमुनोत्री से होती है, इसके बाद गंगोत्री, फिर केदारनाथ और अंत में बद्रीनाथ के दर्शन किए जाते हैं। अक्षय तृतीया के अवसर पर गंगोत्री मंदिर  और यमुनोत्री मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही छह महीने के शीतकालीन अवकाश के बाद तीर्थयात्रा आरंभ हुई। हर साल की तरह इस बार भी देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

2026 के लिए कपाट खुलने और बंद होने की तारीखें
  • यमुनोत्री: 19 अप्रैल – 11 नवंबर
  • गंगोत्री: 19 अप्रैल – 10 नवंबर
  • केदारनाथ: 22 अप्रैल – 11 नवंबर
  • बद्रीनाथ: 23 अप्रैल – 13 नवंबर

सीमित समय और पहाड़ी मौसम को देखते हुए यात्रियों को पहले से योजना बनाना जरूरी है। बता दें की यह यात्रा आमतौर पर हरिद्वार, ऋषिकेश या देहरादून से शुरू होती है।

  • यमुनोत्री के लिए, ऋषिकेश से बड़कोट, बड़कोट से जानकी चट्टी, इसके बाद 5–6 किमी ट्रेक
  • गंगोत्री के लिए, उत्तरकाशी के रास्ते सीधा सड़क मार्ग उपलब्ध है।
  • केदारनाथ के लिए गौरीकुंड तक सड़क से जाना पड़ता है, फिर 16–18 किमी का कठिन ट्रैकिंग करनी पड़ती है। हालांकि हेलीकॉप्टर सुविधा उपलब्ध है, जिसकी बुकिंग IRCTC के जरिए की जा सकती है।
  • बद्रीनाथ में सीधे सड़क मार्ग से पहुंच उपलब्ध है।

तेज और आरामदायक यात्रा के लिए देहरादून से हेलीकॉप्टर पैकेज भी उपलब्ध हैं।

नए नियम और पाबंदियां:

2026 की यात्रा में कई नए नियम लागू किए गए हैं। केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री में प्रवेश को लेकर कुछ शर्तें लागू की गई हैं, जबकि यमुनोत्री में सभी श्रद्धालुओं का स्वागत जारी रहेगा। मंदिर परिसर में मोबाइल फोन और कैमरे के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि श्रद्धालु पूरी तरह आध्यात्मिक अनुभव ले सके।

इस बार स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। 55 वर्ष से अधिक उम्र के यात्रियों या पहले से बीमारियों (जैसे हृदय रोग, अस्थमा, डायबिटीज) से ग्रस्त लोगों के लिए मेडिकल जांच अनिवार्य की गई है। राज्य सरकार ने मेडिकल सुविधाओं को भी मजबूत किया है। पूरे मार्ग पर डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और वॉलंटियर्स की तैनाती की गई है। 177 एम्बुलेंस, एडवांस लाइफ सपोर्ट यूनिट्स और AIIMS ऋषिकेश द्वारा संचालित हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस भी उपलब्ध हैं।

चार धाम यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। यात्रियों को ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा और हर धाम पर वेरिफिकेशन कराना होगा। दर्शन के लिए स्लॉट टोकन भी लेना होगा, जिससे भीड़ प्रबंधन में मदद मिलेगी।

यह भी पढ़ें:

ईरान ने दबाव में बातचीत से किया इनकार; अमेरिका को दी नए युद्ध विकल्पों की चेतावनी

भारतीय एथलेटिक्स पर लगा ‘अत्यंत उच्च डोपिंग जोखिम’ का टैग; खिलाड़ियों के लिए क्या बदलेगा?

जर्मनी के गुरुद्वारे में संघर्ष; हथियारों के साथ 40 लोग भिड़े, 11 लोग घायल

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

150,939फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
324,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें