बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हाल ही में हुए भयावह विमान हादसे के बाद देशभर में उबाल देखने को मिल रहा है। इस हादसे में माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज के परिसर में एक फाइटर जेट के दुर्घटनाग्रस्त होने से अब तक 32 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें अधिकांश बच्चे हैं, जबकि 165 से अधिक लोग घायल बताए गए हैं। हादसे के बाद छात्रों और आम नागरिकों ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। वहीं, मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की कार्रवाई ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है।
मंगलवार (22 जुलाई )को ढाका में सचिवालय भवन के बाहर और दुर्घटनास्थल पर छात्रों ने अंतरिम सरकार के शिक्षा सलाहकार, कानून सलाहकार और शिक्षा सचिव के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस द्वारा की गई सख्त कार्रवाई में कम से कम 75 छात्र घायल हो गए, जिन्हें ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अवामी लीग ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए बयान जारी कर कहा कि “छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और स्कूल स्टाफ पर दमन और धोखे का अभियान चलाया जा रहा है। शासन ने न सिर्फ हताहतों की वास्तविक संख्या छिपाई, बल्कि प्रदर्शनकारियों पर साउंड ग्रेनेड, आंसू गैस और असली गोलियों का प्रयोग कर राष्ट्रीय संकट को और गंभीर बना दिया।” पार्टी ने आगे आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में मीडियाकर्मियों को धमकाया गया, उन्हें रिपोर्टिंग से रोका गया और दुर्घटना की सच्चाई पर पर्दा डालने की कोशिश की गई।
अवामी लीग ने यह भी कहा कि लाखों छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों का सड़कों पर उतरना इस बात का प्रमाण है कि यूनुस सरकार ने अपनी नैतिक वैधता खो दी है। उन्होंने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि दुर्घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे सलाहकारों और प्रेस सचिव ने मृतकों की संख्या को लेकर गवाहों की बातों को झूठा बताया, जिससे जनता का आक्रोश और भड़क गया।
पार्टी ने पुलिस द्वारा अस्पतालों में घायलों को भर्ती होने से रोकने और राजनीतिक नेताओं द्वारा फोटो खिंचवाने की अनुमति दिए जाने को “राजनीतिक अंक बटोरने की बर्बर कोशिश” बताया। साथ ही कहा कि स्वयंसेवकों और रक्तदाताओं पर भी हमले किए गए, जो मानवता के खिलाफ अपराध हैं।
अवामी लीग ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हुए कहा कि वह यूनुस सरकार द्वारा चलाई जा रही “क्रूर दमन की लहर” के खिलाफ आवाज उठाएं और बांग्लादेश के नागरिकों को न्याय व सुरक्षा सुनिश्चित करें। पार्टी का यह रुख बांग्लादेश में बढ़ते जनाक्रोश और अंतरिम शासन की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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