एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन दिनों में पौष्टिक भोजन से मुश्किल दिनों को काफी हद तक आसान बनाया जा सकता है। नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर से खून निकलता है, जिससे आयरन की कमी हो सकती है। इससे थकान, चक्कर आना और कमजोरी महसूस होती है।
फल और सब्जियां : – विटामिन और मिनरल्स का खजाना होते हैं फल। ऐसे में केला, संतरा, सेब, अनार, पपीता और कीवी जैसे फल खाएं। ये विटामिन सी और पोटेशियम से भरपूर होते हैं, जो थकान दूर करते हैं और इम्युनिटी बढ़ाते हैं। हरी सब्जियां जैसे पालक, मेथी, सरसों का साग और ब्रोकोली आयरन और फोलिक एसिड का अच्छा स्रोत हैं।
फाइबर युक्त अनाज जैसे ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस और रागी जैसे फाइबर वाले अनाज लें। ये पाचन को बेहतर बनाते हैं और कब्ज की समस्या नहीं होने देते। प्रोटीन से भरपूर खाना जैसे दालें, छोले, राजमा, पनीर, अंडा और बादाम, अखरोट आदि प्रोटीन देते हैं। प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूत रखता है और थकान कम करता है।
आयरन युक्त आहार लें जैसे पालक, चुकंदर, किशमिश, गुड़ और अनाज आयरन से भरपूर होते हैं। पीरियड्स में खून जाने के कारण आयरन की जरूरत बढ़ जाती है। विटामिन सी युक्त फलों के साथ आयरन वाले खाद्य पदार्थ लेने से आयरन बेहतर तरीके से शरीर में अवशोषित होता है। साथ ही पर्याप्त पानी और हाइड्रेटिंग ड्रिंक्स लें और दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। नारियल पानी, हर्बल टी और नींबू पानी पीना फायदेमंद है। ये शरीर को हाइड्रेट रखते हैं और सूजन कम करने में मदद करते हैं।
अतिरिक्त सावधानियां भी रखें जैसे ज्यादा तला-भुना, जंक फूड, चाय-कॉफी और ज्यादा नमक वाले खाने से बचें। गर्म दूध में हल्दी मिलाकर पी सकते हैं, यह दर्द कम करने में सहायक है। हल्का व्यायाम या योगासन भी दर्द में राहत देते हैं।
पीरियड्स के दौरान सही पोषण न सिर्फ शारीरिक आराम देता है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर रखता है। अगर दर्द बहुत ज्यादा हो या रक्तस्राव असामान्य हो तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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