सनातन धर्म की सबसे पवित्र तीर्थयात्राओं में से एक चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड सरकार ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार(18 अप्रैल) को चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में यात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं से संवाद करते हुए उनका स्वागत किया और यात्रियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण पिछले शुक्रवार से शुरू हो गया है और पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया। पहले दिन कुल 2,713 लोगों ने ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन किया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, एक ही दिन में यमुनोत्री के लिए 683, गंगोत्री के लिए 690, केदारनाथ के लिए 667 और बद्रीनाथ के लिए 673 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया। ऑनलाइन पंजीकरण 6 मार्च से जारी है।
शनिवार को मुख्यमंत्री धामी ने चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप का निरीक्षण भी किया। यहां ऑफलाइन पंजीकरण के लिए 30 से अधिक काउंटर लगाए गए हैं। साथ ही, यात्रियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। राज्य सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं पर श्रद्धालुओं ने संतोष जताया है।
#WATCH | Rishikesh, Uttarakhand: CM Pushkar Singh Dhami says, "The Char Dham Yatra has begun today, and it officially begins tomorrow. Tomorrow, the doors of Gangotri and Yamunotri will open. The doors of Kedarnath and Badrinath will open on 22 April. Then, Hemkund Sahib will… pic.twitter.com/6tfO0qXXjd
— ANI (@ANI) April 18, 2026
19 अप्रैल से चारधाम यात्रा विधिवत शुरू होगी। अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त पर सबसे पहले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे। केदारनाथ धाम 22 अप्रैल और बद्रीनाथ धाम 23 अप्रैल को खुलेंगे। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की तैयारियां भी तेज हो गई हैं, जहां मंदिरों को फूलों से सजाया गया है और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। रविवार को इन पवित्र धामों के कपाट खुलेंगे, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिलेगा।
यह यात्रा हरिद्वार या ऋषिकेश से शुरू होकर यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और अंत में बद्रीनाथ तक पूरी होती है। पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड अधिक होने के कारण श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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