दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने राजधानी में नकली मोबाइल उत्पादों के बड़े रैकेट का खुलासा करते हुए OPPO, OnePlus और Realme जैसे प्रसिद्ध मोबाइल ब्रांडों के फर्जी सामान की भारी खेप बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि करोल बाग और मोती नगर स्थित कई गोदामों और एक फैक्ट्री को सील कर दिया गया है।
क्राइम ब्रांच की AGS यूनिट द्वारा चलाए गए इस बड़े सर्च और सीजर ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने करोल बाग के रेगरपुरा इलाके में स्थित दो गोदामों पर छापा मारा। जांच में सामने आया कि इन गोदामों में नकली मोबाइल उत्पादों की पैकेजिंग और ब्रांडिंग की जा रही थी। पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में फर्जी पैकेजिंग सामग्री और तैयार नकली उत्पाद बरामद किए।
इसके अलावा दिल्ली के मोती नगर इलाके में एक फैक्ट्री का भी पता चला, जहां इन मोबाइल कंपनियों के नाम से पैकेजिंग बॉक्स तैयार किए जा रहे थे। पुलिस ने इस फैक्ट्री को भी सील कर दिया है।
अधिकारियों के मुताबिक, पूरे नेटवर्क में एक प्रिंटिंग प्रेस और तीन गोदाम शामिल थे, जहां मशीनों की मदद से नकली ब्रांडेड सामान तैयार किया जाता था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आठ मशीनें भी जब्त की हैं, जिनका इस्तेमाल फर्जी पैकेजिंग और नकली उत्पाद बनाने में किया जा रहा था।
पुलिस का कहना है कि आरोपी बाजार में इन नकली उत्पादों को नामी कंपनियों के असली सामान के रूप में बेच रहे थे। इससे न केवल ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी हो रही थी, बल्कि ब्रांड कंपनियों को भी भारी आर्थिक नुकसान पहुंच रहा था।
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपी लंबे समय से इस अवैध कारोबार में शामिल थे और बड़े स्तर पर नकली उत्पादों की सप्लाई कर रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और दिल्ली समेत अन्य राज्यों में इन नकली सामानों की सप्लाई कहां-कहां की जा रही थी।
#WATCH | Delhi | In a major crackdown and search-cum-seizure operation, a huge quantity of counterfeit products of OPPO, OnePlus and Realme brands was recovered. Two godowns located in Regharpura, Karol Bagh, where these fake products were being packaged and branded, were sealed.… pic.twitter.com/P5FYwtPrwj
— ANI (@ANI) May 10, 2026
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि नकली उत्पादों को इस तरह तैयार किया जाता था कि आम ग्राहक आसानी से असली और नकली सामान में फर्क न कर सके। पैकेजिंग पर कंपनियों के लोगो, डिजाइन और ब्रांडिंग की हूबहू नकल की जाती थी।
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस रैकेट से जुड़े अन्य ठिकानों पर भी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस साइबर और मार्केट नेटवर्क की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नकली सामान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी बेचा जा रहा था या नहीं।
विशेषज्ञों का कहना है कि नकली इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों स्तर पर नुकसान झेलना पड़ता है। कई मामलों में ऐसे नकली चार्जर, बैटरी और एक्सेसरी उपकरण तकनीकी खराबी और हादसों की वजह भी बन सकते हैं। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरे सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।
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