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Monday, July 6, 2026
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इबोला देशों से यात्रियों पर एयर सुविधा 2.0 से कड़ी निगरानी!

यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (आईएचआर) 2005 के तहत की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा प्रकोप की पुष्टि बुंडिबुग्यो वायरस डिजीज (बीवीडी) के रूप में हुई है।

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नागर विमानन मंत्रालय ने दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल) के सहयोग से गुरुवार को ‘एयर सुविधा 2.0’ लॉन्च किया। यह पूरी तरह से कॉन्टैक्टलेस (बिना संपर्क वाला) और उन्नत पैसेंजर हेल्थ सेल्फ-डिक्लेरेशन पोर्टल है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी को और मजबूत बनाना है।

यह कदम इबोला बीमारी के मौजूदा प्रकोप को देखते हुए उठाया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, यह नया प्लेटफॉर्म विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) और युगांडा में इबोला/बुंडिबुग्यो वायरस बीमारी के प्रकोप को 17 मई को अंतरराष्ट्रीय चिंता की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति (पीएचईआईसी) घोषित किए जाने के बाद शुरू किया गया है।

यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (आईएचआर) 2005 के तहत की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा प्रकोप की पुष्टि बुंडिबुग्यो वायरस डिजीज (बीवीडी) के रूप में हुई है।

डब्ल्यूएचओ के ताजा आकलन के अनुसार, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा से सटे देशों, जैसे दक्षिण सूडान, को भी संक्रमण फैलने के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में रखा गया है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (डीजीएचएस) के सहयोग से विकसित इस पोर्टल के माध्यम से भारत आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को एक अनिवार्य ऑनलाइन हेल्थ सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म भरना होगा।

इस फॉर्म में यात्रियों को पिछले 21 दिनों की यात्रा का विवरण, संभावित संपर्क या एक्सपोजर की जानकारी और यदि कोई लक्षण हों तो उसकी जानकारी देनी होगी। यह प्रक्रिया इमिग्रेशन क्लियरेंस से पहले पूरी करनी होगी।

‘एयर सुविधा 2.0’ को इस तरह तैयार किया गया है कि यात्रियों को सुविधाजनक और परेशानी-मुक्त अनुभव मिले, साथ ही स्वास्थ्य निगरानी भी प्रभावी तरीके से हो सके।

अधिकारियों के अनुसार, यह सिस्टम यात्रियों की जानकारी को रियल-टाइम में कई एजेंसियों के साथ साझा करेगा, जिनमें एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिसर, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन, इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) और राज्य निगरानी अधिकारी शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि यह एकीकृत डेटा शेयरिंग व्यवस्था उन यात्रियों की तेजी से पहचान करने में मदद करेगी जो संक्रमण के जोखिम में हो सकते हैं।

इसके जरिए जरूरत पड़ने पर समय रहते निगरानी, रेफरल और अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय किए जा सकेंगे। साथ ही पूरी प्रक्रिया कॉन्टैक्टलेस होगी, जिससे यात्रियों को एयरपोर्ट पर कागजी फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

अधिकारियों ने बताया कि एयर सुविधा सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म (एसडीएफ) भारत पहुंचने से 24 घंटे पहले तक भरा जा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे उड़ान में सवार होने से पहले, विशेष रूप से वेब चेक-इन के दौरान यह फॉर्म भर लें, ताकि भारत पहुंचने के बाद उनकी प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सके।

फॉर्म भरने के बाद यात्रियों को केवल डाउनलोड किया हुआ सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म अंतरराष्ट्रीय यात्रा स्वास्थ्य डेस्क या इमिग्रेशन काउंटर पर दिखाना होगा। इससे आगमन प्रक्रिया में देरी कम होगी और यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी।

अधिकारियों ने कहा, “सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से अनुरोध है कि वे अपनी और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म सही और समय पर भरें।”

उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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