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Thursday, April 30, 2026
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मुंबई: 450 बांग्लादेशी नागरिक हिरासत में; 200 से अधिक डिपोर्ट

अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई तेज

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मुंबई पुलिस द्वारा अवैध प्रवासियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत 1 जनवरी से अब तक करीब 450 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। इनमें से लगभग 224 लोगों को विभिन्न चरणों में डिपोर्ट किया जा चुका है, जबकि कई अन्य अभी भी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं।

हाल के मामलों में वर्सोवा पुलिस ने 23 लोगों को हिरासत में लिया, जो ट्रैफिक सिग्नल और धार्मिक स्थलों पर भीख मांगते पाए गए। पुलिस के अनुसार ये लोग मालवणी, मालाड इलाके में किराए के मकानों में रह रहे थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, 5 फरवरी को एंटी-ट्रैफिकिंग सेल (ATC) की टीम ने वरिष्ठ निरीक्षक दीपशिखा वारे और पीएसआई सचिन उगले के नेतृत्व में वर्सोवा दरगाह के पास कार्रवाई करते हुए 18 लोगों को पकड़ा था। पूछताछ के आधार पर 18 फरवरी को 5 और लोगों को हिरासत में लिया गया। इस तरह वर्सोवा पुलिस ने इस वर्ष कुल 27 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा, जिनमें से 26 को डिपोर्ट किया जा चुका है।

यह अभियान पिछले साल की कार्रवाई के बाद तेज हुआ है, जब 2025 में 1,061 बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से रहने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। 27 मार्च तक के आंकड़ों के अनुसार, डिपोर्टेशन का इंतजार कर रहे लोगों की संख्या शहर के विभिन्न पुलिस थानों में फैली हुई है। कुर्ला में 11, बांद्रा में 10, देवनार में 7 और पवई में 6 लोग हिरासत में हैं। इसके अलावा अंबोली, नागपाड़ा, ओशिवारा और पार्क साइट में 5-5, जबकि सांताक्रूज, भायखला, ट्रॉम्बे और शिवाजी पार्क में 4-4 मामले सामने आए हैं।

डिपोर्टेशन प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जा रही है। 27 मार्च को कुल 51 लोगों को डिपोर्ट किया गया, जिनमें 20 मुंबई से थे। 29 मार्च को 44 लोगों को डिपोर्ट किया जाना था, लेकिन मुंबई उच्च न्यायालय  ने 6 मामलों में रोक लगा दी। इसके बाद 5 अप्रैल को 50 लोगों (मुंबई से) और 5 लोगों (नवी मुंबई से) को डिपोर्ट किया गया।

हालांकि, कुछ मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप के कारण प्रक्रिया में देरी हुई है। अंबोली थाने के एक मामले में तीन लोगों ने रिट याचिका दायर की, जिसके चलते हाई कोर्ट ने उनकी डिपोर्टेशन पर रोक लगा दी। इसी तरह एंटॉप हिल और चूनाभट्टी से जुड़े मामलों में भी सुनवाई तक डिपोर्टेशन टाल दिया गया है।

वर्सोवा मामले में सेशंस कोर्ट ने सजा पर रोक लगाई है और अगली सुनवाई 21 मई 2026 को निर्धारित है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, जिसमें अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान कर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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