कॉन्सर्ट में खालिस्तानी झंडे लहराने वालों को दिलजीत दोसांझ ने सुनाया, “जिन्ने झंडे दिखाने, दिखाई चलो”

हंगामे के बीच दिलजीत ने कट्टरपंथियों को आईना दिखाया; अमिताभ बच्चन के पैर छूने पर मिली धमकियों और 'वोक' ट्रोलिंग का दिया करारा जवाब

कॉन्सर्ट में खालिस्तानी झंडे लहराने वालों को दिलजीत दोसांझ ने सुनाया, “जिन्ने झंडे दिखाने, दिखाई चलो”

Diljit Dosanjh rebuked those waving Khalistani flags at a concert, saying, "Those who want to show their flags, let's show them."

कैलगरी में आयोजित अपने ‘ऑरा टूर’ के दौरान पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने एक बार फिर अपनी बेबाकी से सबका ध्यान खींचा है। कॉन्सर्ट के बीच में जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने प्रो-खालिस्तानी झंडे लहराने शुरू किए, तो दिलजीत ने अपना शो रोक दिया और उन तत्वों को सीधे तौर पर संबोधित किया जो उन पर ‘पंजाब विरोधी’ होने का आरोप लगा रहे थे।

इंटरनेट पर वायरल वीडियो में दिखा कि दर्शक दीर्घा में कुछ लोग खालिस्तानी झंडे लहरा रहे थे। दिलजीत ने बीच में रुककर कहा कि उनका काम चैरिटी करना नहीं है, लेकिन वे जिस भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर जाते हैं, पंजाब के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं।

अपनी आलोचना करने वालों को जवाब देते हुए दिलजीत ने कहा, “मेरा काम चैरिटी करना नहीं है, लेकिन मैं जिस भी प्लेटफॉर्म पर जाता हूँ, हमेशा पंजाब की बात करता हूँ। हम अक्सर कहते हैं कि नेशनल मीडिया पंजाब के बारे में बात नहीं करता। मैं पंजाब के खातिर ही ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) जैसे मंचों पर गया और वहां पंजाब के मुद्दों को रखा। मैंने अपनी मिट्टी के लिए हमेशा दान भी दिया है।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं जिमी फॉलन के शो पर भी गया ताकि पंजाब और ‘गुरु नानक जहाज’ (कोमागाटा मारू) जैसी घटनाओं को दुनिया के सामने ला सकूँ। अगर आपको फिर भी समस्या है कि मैं टीवी पर किसके सामने बैठा हूँ… तो जिन्ने झंडे दिखाने, दिखाई चलो (जितने झंडे दिखाने हैं दिखाते रहो)।”

विवाद की जड़ अक्टूबर 2025 में प्रसारित ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC 17) के एक एपिसोड में है। इस शो में दिलजीत ने हिस्सा लिया था और होस्ट अमिताभ बच्चन के पैर छूकर आशीर्वाद लिया था। इसके बाद ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) जैसे प्रतिबंधित कट्टरपंथी समूहों ने दिलजीत को धमकियाँ दी थीं।

SFJ नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू ने आरोप लगाया था कि अमिताभ बच्चन के पैर छूकर दिलजीत ने 1984 के सिख दंगों के पीड़ितों का अपमान किया है। समूह का दावा है कि 1984 में अमिताभ ने हिंसा भड़काने वाले नारे लगाए थे, हालांकि अमिताभ बच्चन इन आरोपों का कई बार खंडन कर चुके हैं। SFJ द्वारा कॉन्सर्ट में खलल डालने की धमकियों के बावजूद दिलजीत ने कैलगरी में शांति का संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे नफरत का जवाब नफरत से नहीं देंगे।

दिलजीत ने मंच से कहा, “मैं हमेशा प्यार की बात करूँगा। मेरे लिए यह धरती एक है। मेरे गुरु कहते हैं ‘इक ओंकार’। मैं इसी मिट्टी से पैदा हुआ हूँ और इसी में मिल जाऊँगा। मेरी तरफ से सबके लिए सिर्फ प्यार है, चाहे कोई मुझसे जलता हो या मुझे ट्रोल करता हो। मुझे फर्क नहीं पड़ता कि कोई क्या सोचता है।”

हाल ही में ‘द टुनाइट शो’ (जिमी फॉलन) में दिलजीत ने 1914 की कोमागाटा मारू घटना का जिक्र किया था, जिसमें कनाडा ने भारतीयों (सिख, हिंदू और मुसलमानों) को अपनी सीमा में प्रवेश देने से इनकार कर दिया था। दिलजीत ने स्पष्ट किया कि वे इन मंचों पर किसी फिल्म के प्रचार के लिए नहीं, बल्कि अपने इतिहास और मुद्दों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए जाते हैं।

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