जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से एक लंबे समय तक दुबई में रह चुका है, और उसके कुछ संदिग्ध विदेशी संपर्कों की जानकारी मिली है। एजेंसियां इन संपर्कों के संभावित आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका की जांच कर रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी के दुबई प्रवास के दौरान कुछ ऐसे व्यक्तियों के संपर्क में आने की जानकारी मिली है, जिनके संबंध कथित तौर पर टीटीएच (तहरीक-ए-तालिबान हिंद) नामक संगठन से होने की बात सामने आई है।
पूछताछ में हमले की तैयारी और क्रियान्वयन को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। गिरफ्तार आरोपियों में से एक गुरुवार दोपहर रांची के कोतवाली थाने की पुलिसकर्मियों को चकमा देकर बाथरूम की खिड़की से कूदकर भाग निकला था, लेकिन उसे करीब डेढ़ घंटे बाद रांची के मांडर में पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद दोबारा गिरफ्तार कर लिया।
रांची के एसएसपी राकेश रंजन सहित कई अन्य अफसर खुद मुठभेड़ स्थल पर पहुंचे थे। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने घटना से पहले आरएसएस कार्यालय की रेकी की थी। पेट्रोल बम तैयार करने के लिए इस्तेमाल की गई कांच की बोतलें, पेट्रोल और अन्य सामग्री स्थानीय बाजार से खरीदी गई थी। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर मोलोटोव कॉकटेल तैयार कर निवारणपुर स्थित कार्यालय को निशाना बनाया।
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में दो लोहरदगा जिले के निवासी हैं, जबकि तीसरा रांची का रहने वाला बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि स्थानीय स्तर पर आरोपियों को किस तरह की मदद मिली और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल थे। जांच अब संभावित विदेशी फंडिंग और डिजिटल संपर्कों तक पहुंच गई है।
एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट रिकॉर्ड, बैंक खातों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। सूत्रों का कहना है कि कुछ विदेशी संपर्कों और वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है।
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