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Wednesday, April 22, 2026
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पाकिस्तान सिंध में एचआईवी बढ़ा, 329 बच्चे भी हुए संक्रमित

जाने-माने पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट एआरवाई डिजिटल ने स्वास्थ्य अफसरों की ओर से जारी आंकड़ों के आधार पर बताया कि सिंध में एचआईवी के मामले खतरनाक गति से बढ़ रहे हैं। 

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पाकिस्तान के सिंध की एक खौफनाक तस्वीर वहां के मीडिया संस्थानों ने सिंध स्वास्थ्य विभाग के हवाले से बयां की है। बताया कि सिंध प्रांत में महज तीन महीनों के दौरान ही एचआईवी संक्रमितों की तादाद काफी बढ़ी है। सबसे परेशान करने वाली बात ये है कि इसमें 14 साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या भी अच्छी खासी है।

जाने-माने पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट एआरवाई डिजिटल ने स्वास्थ्य अफसरों की ओर से जारी आंकड़ों के आधार पर बताया कि सिंध में एचआईवी के मामले खतरनाक गति से बढ़ रहे हैं; सिर्फ तीन महीनों में सैकड़ों नए संक्रमितों की रिपोर्ट सामने आई है, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि सिंध भर में एचआईवी संक्रमण लगातार बढ़ रहा है; साल के पहले तीन महीनों में 894 संक्रमित पाए गए। इनमें 332 पुरुष, 204 महिलाएं और 29 ट्रांसजेंडर संक्रमित पाए गए। अधिकारियों के अनुसार ये आंकड़े ही संक्रमण के बढ़ते स्तर को दर्शाते हैं।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि एक सबसे ज्यादा चिंता की बात ये है कि बच्चों की संख्या बढ़ी है। इस साल 14 साल से कम उम्र के कुल 329 बच्चों में इस वायरस की पहचान हुई है। अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, इनमें 188 लड़के और 141 लड़कियां हैं।

साल की पहली तिमाही में एचआईवी संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ी है। जनवरी में 294, फरवरी में 324 और मार्च में 276 मामले दर्ज किए गए, जो पूरे प्रांत में संक्रमण के बढ़ते ग्राफ का संकेत देते हैं।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने आगाह किया कि हालात 2019 के लरकाना स्थित छोटे से इलाके राटो डेरो से हो सकते हैं। तब एक दूषित सिरिंज के दोबारा इस्तेमाल करने से 900 लोग संक्रमित हुए थे, जिनमें 754 बच्चे शामिल थे।

समा टीवी के अनुसार स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सिंध में एचआईवी संक्रमणों की बढ़ती संख्या का मुख्य कारण असुरक्षित सिरिंज और दूषित ब्लड ट्रांसफ्यूजन को बताया है।

ये असुरक्षित पद्धतियां गंभीर जोखिम पैदा करती रहती हैं, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां स्वास्थ्य सेवा के मानक और निगरानी कमजोर हैं।

सिंध के एक ही अस्पताल में लगभग 100 एचआईवी मामले भी सामने आए थे, जो स्थानीय स्तर पर स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करता है। अस्पताल अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सख्ती से नियंत्रण नहीं किया गया और जन जागरूकता नहीं बढ़ाई गई, तो संक्रमितों की संख्या और बढ़ सकती है।

एआरवाई ने अपनी रिपोर्ट में संसद में हुई बहस पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 30 मार्च को प्रश्नकाल के दौरान नेशनल असेंबली को बताया गया कि पूरे देश में एचआईवी/एड्स के 84,421 मरीज रजिस्टर्ड हैं।

स्वास्थ्य मामलों के संघीय मंत्री, सैयद मुस्तफा कमाल ने नेशनल असेंबली सत्र के दौरान एचआईवी/एड्स के मरीजों से जुड़ी लिखित जानकारी पेश की थी। औपचारिक लिखित जवाब में मंत्री ने बताया कि इस बीमारी के साथ जी रहे 84,421 लोगों को ‘राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम’ के तहत रजिस्टर्ड किया गया है।

मंत्री के अनुसार, इनमें से ज्यादातर मरीज पाकिस्तान की सबसे घनी आबादी वाले प्रांतों – पंजाब और सिंध से हैं।

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