अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच कड़ी चेतावनी दी है। इस बयान से युद्ध के और अधिक हिंसक होने के संकेत मिल रहे हैं। ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान समझौता करने से इनकार करता है, तो “सब कुछ तबाह कर देंगे।” अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की के माध्यम से अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है, जिसके बीच यह चेतावनी सामने आई है। इन वार्ताओं का मुख्य उद्देश्य युद्धविराम और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलना है।
मंगलवार (7 अप्रैल) की अंतिम समयसीमा से पहले ट्रंप ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “होरमुज् सामुद्रधुनी खोलो, नहीं तो तुम नरक में रहोगे।” जब उनसे निर्दोष नागरिकों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि जो लोग अपने ही सरकार के डर में जी रहे हैं, वे ऐसे कदमों का समर्थन करेंगे जो शासन को हिला सकते हैं।
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने ट्रंप के बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निर्देशों का पालन कर रहे हैं। गालिबाफ ने ईरानी नागरिकों के सम्मान की बात करते हुए इस “खतरनाक खेल” को तुरंत रोकने की अपील की।
इस बीच, प्रत्यक्ष वार्ता पांच दिनों तक खिंचने पर ट्रंप ने निराशा जाहिर की। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसी देरी के चलते तेहरान में एक पुल पर हमले की खबर भी सामने आई है। वहीं, पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की के विदेश मंत्री भरोसा बहाल करने के उपाय तैयार करने में जुटे हैं, ताकि समयसीमा बढ़ाई जा सके और दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाया जा सके। हालांकि, अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
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