स्विट्जरलैंड के रेलवे स्टेशन पर चाकू से हमला, ‘अल्लाहु अकबर’ चिल्लाते हुए 3 लोगों को किया घायल

सुरक्षा अधिकारियों ने बताया आतंकी हमला; आरोपी तुर्की मूल का स्विस नागरिक

स्विट्जरलैंड के रेलवे स्टेशन पर चाकू से हमला, ‘अल्लाहु अकबर’ चिल्लाते हुए 3 लोगों को किया घायल

Knife attack at Swiss railway station, 3 people injured as people shouted 'Allahu Akbar'

स्विट्जरलैंड के विंटरथुर रेलवे स्टेशन पर गुरुवार (28 मई) को हुए चाकू हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। 31 वर्षीय नेसिप डेडेलर नामक व्यक्ति ने सुबह की व्यस्त अवधि के दौरान तीन लोगों पर चाकू से हमला कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, हमले के दौरान आरोपी “अल्लाहु अकबर” चिल्ला रहा था। घटना के कुछ ही मिनटों के भीतर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

यह हमला ज्यूरिख से लगभग 13 मील उत्तर-पूर्व स्थित विंटरथुर रेलवे स्टेशन पर हुआ। सुबह के व्यस्त समय में हुए इस हमले से यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच भारी दहशत फैल गई। आरोपी नेसिप डेडेलर के पास तुर्की और स्विट्जरलैंड दोनों देशों की नागरिकता है। ज्यूरिख कैंटन के सुरक्षा प्रमुख मारियो फेहर ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा, “मैं असाधारण रूप से इसे एक आतंकवादी हमला कह रहा हूं।”

वहीं ज्यूरिख कैंटनल पुलिस के कमांडर मारियस वेयरमैन ने कहा, “घटनास्थल की परिस्थितियों से स्पष्ट था कि हमले के मकसद की जांच कट्टरपंथ और उग्रवाद के संदर्भ में की जानी चाहिए।”

उन्होंने बताया कि पुलिस को पहली आपातकालीन सूचना स्थानीय समयानुसार सुबह 8:28 बजे मिली थी और मात्र पांच मिनट बाद 8:33 बजे आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। हमले में घायल तीनों पीड़ित स्विस नागरिक हैं, जिनकी उम्र 28, 43 और 52 वर्ष बताई गई है।

घायलों में सबसे अधिक गंभीर रूप से घायल 52 वर्षीय व्यक्ति को जांघ में गहरे चाकू के घाव लगे, जिसके बाद उसकी आपातकालीन सर्जरी करनी पड़ी। अन्य दो पीड़ितों को गर्दन और पैर में चोटें आई थीं, जिन्हें उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पुलिस के अनुसार आरोपी का पालन-पोषण भी विंटरथुर में ही हुआ था।

जांच में सामने आया है कि नेसिप डेडेलर का नाम इससे पहले भी सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड में दर्ज रहा है। वर्ष 2015 में उसे आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) से जुड़ी प्रचार सामग्री प्रसारित करने पर लगाए गए प्रतिबंध का उल्लंघन करने के कारण स्विस अधिकारियों के समक्ष रिपोर्ट किया गया था।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार डेडेलर ने 2009 में स्विस नागरिकता प्राप्त की थी, लेकिन पिछले दो वर्षों का अधिकांश समय उसने तुर्की में बिताया था। उसके एक ऐसे कट्टरपंथी मस्जिद से जुड़े होने की भी जानकारी सामने आई है, जिसके इमाम पर 2017 में गैर-धार्मिक मुसलमानों की हत्या का समर्थन करने का आरोप लगा था।

घटना का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि हमले से कुछ दिन पहले ही आरोपी को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी कारणों से एक चिकित्सा केंद्र भेजा गया था। 25 मई को वह विंटरथुर पुलिस स्टेशन पहुंचा था, जहां अधिकारियों ने उसे भ्रमित और असंगत बातें करते हुए पाया। इसके बाद उसे मानसिक स्वास्थ्य संस्थान भेजा गया, लेकिन एक चिकित्सक ने उसे स्वयं या दूसरों के लिए खतरा नहीं माना और छोड़ने की अनुमति दे दी। इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए मारियो फेहर ने कहा, “यह फैसला क्यों लिया गया, इसकी जानकारी हमारे पास नहीं है, लेकिन यह आकलन स्पष्ट रूप से गलत साबित हुआ।”

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब स्विट्जरलैंड में इस महीने जनसंख्या को एक करोड़ तक सीमित करने संबंधी प्रस्ताव पर मतदान होने वाला है। यह प्रस्ताव देश में कथित अनियंत्रित आव्रजन को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच सामने आया था।

फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हमले के सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की कट्टरपंथी गतिविधियों, मानसिक स्थिति और संभावित आतंकी संबंधों की गहन पड़ताल की जा रही है।

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