टोक्यो के हनेडा एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत शुक्रवार (29 अगस्त) को एक अनोखे और आध्यात्मिक अंदाज़ में हुआ। जापानी समुदाय के सदस्यों ने ग़ायत्री मंत्र और अन्य वैदिक मंत्रों का उच्चारण कर वातावरण को भक्ति से भर दिया। इसके साथ ही भारतीय प्रवासी बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिन्होंने तिरंगा लहराते हुए भारत माता की जय और मोदी-मोदी के नारों से स्वागत किया।
स्वागत के दौरान एक और विशेष दृश्य देखने को मिला जब जापानी महिलाएं पारंपरिक भारतीय साड़ियों में सज-धजकर राजस्थानी अंदाज़ में प्रधानमंत्री से मिलीं। उन्होंने मुस्कुराते हुए हिंदी में कहा, “पधारो म्हारे देश।” उनकी भाषा की पकड़ देख पीएम मोदी ने उनसे बातचीत की और पूछा कि वे कितने समय से हिंदी सीख रही हैं। एक महिला ने बताया कि वह पिछले आठ साल से हिंदी सीख रही हैं और साथ ही राजस्थानी व गुजराती भजनों का अभ्यास भी करती हैं।
बातचीत के दौरान जब पीएम मोदी ने उनसे भजन सुनाने का आग्रह किया तो उन्होंने राजस्थानी भजन “मैं वारी जाऊं रे” बड़ी मधुरता और श्रद्धा के साथ गाकर सबको भावविभोर कर दिया। इस प्रदर्शन से पीएम मोदी भी सुखद आश्चर्य में पड़ गए और उनकी सराहना करते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृति और भाषा के प्रति गहरा सम्मान दर्शाता है।
इस भावुक क्षण को पीएम मोदी ने अपने मोबाइल में कैद किया और बाद में इसे अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किया। उन्होंने कैप्शन लिखा, “जापान में विशेष स्वागत” इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर भी खूब ध्यान खींचा और लोग भारत-जापान की सांस्कृतिक निकटता की सराहना करने लगे।
जापान रवाना होने से पहले ही पीएम मोदी ने कहा था कि यह दौरा भारत-जापान के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत रिश्तों और सांस्कृतिक बंधनों को और मजबूत करेगा। एयरपोर्ट पर मिला यह आत्मीय और सांस्कृतिक स्वागत दोनों देशों के बीच बढ़ती नज़दीकियों और आपसी सम्मान का प्रतीक बन गया। भारत और जापान के रिश्तों में जहां आर्थिक और रणनीतिक सहयोग की अहम भूमिका है, वहीं इस तरह का सांस्कृतिक आदान-प्रदान इन संबंधों को और गहराई देता है।
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