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पेट में जलन और एसिडिटी से हैं परेशान? रसोई में मौजूद ये मसाले दे सकते हैं राहत​!

इससे राहत पाने के लिए भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाले कई मसाले मौजूद है, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं। देर रात तक जागना, समय पर खाना न खाना और घंटों बैठकर काम करना अब लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। यही वजह है कि एसिडिटी, पेट में जलन, खट्टी डकारें, गैस और अपच जैसी परेशानियां अब हर उम्र के लोगों में आम हो गई हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, जब पेट में बनने वाला एसिड भोजन नली की तरफ लौटने लगता है, तो उसे एसिड रिफ्लक्स कहा जाता है। इससे सीने में जलन और पेट में भारीपन जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। इससे राहत पाने के लिए भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाले कई मसाले मौजूद है, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

सौंफ- सौंफ को पाचन के लिए सबसे फायदेमंद माना जाता है। सौंफ में एनेथोल नाम का प्राकृतिक तत्व पाया जाता है, जिसे पेट की मांसपेशियों को आराम देता है। रिसर्च में पाया गया है कि यह पेट में बनने वाली गैस को कम करने में मदद करता है। खाने के बाद सौंफ चबाने की आदत पाचन सुधारने के लिए लाभकारी होती है। कई लोग सौंफ का पानी पीते हैं, जिससे पेट हल्का महसूस होता है और जलन में राहत मिलती है।

जीरा- जीरा भी भारतीय भोजन का अहम हिस्सा है और आयुर्वेद में इसका उपयोग लंबे समय से किया जाता रहा है। वैज्ञानिक अध्ययनों के मुताबिक, जीरे में मौजूद क्यूमिनाल्डिहाइड नाम का तत्व पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करने में मदद करता है।

इससे भोजन जल्दी पचता है। जब खाना सही तरीके से पचता है, तो पेट में दबाव कम बनता है और एसिड रिफ्लक्स की संभावना भी घटती है। जीरा पानी पीना गैस और भारीपन कम करने का एक घरेलू तरीका माना जाता है।

अदरक- अदरक को भी पाचन सुधारने वाली प्राकृतिक जड़ी-बूटी के रूप में देखा जाता है। इसमें जिंजरोल और शोआगोल जैसे तत्व मौजूद होते हैं, जिनमें सूजन कम करने वाले गुण पाए जाते हैं। ये तत्व पेट को तेजी से खाली करने में मदद करते हैं, जिससे भोजन लंबे समय तक पेट में नहीं रुकता। कई बार धीमा पाचन भी एसिडिटी और जलन की वजह बनता है। अदरक को हल्के गर्म पानी, हर्बल चाय या भोजन में सीमित मात्रा में शामिल किया जा सकता है।

इलायची- इलायची को भी पेट के लिए फायदेमंद माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, इलायची शरीर में पाचन प्रक्रिया को संतुलित रखने में मदद करती है।

इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व पेट की सूजन कम करने में सहायक माने जाते हैं। कई लोग खाने के बाद इलायची चबाते हैं, जिससे मुंह की बदबू कम होने के साथ पाचन में भी मदद मिलती है। चाय या दूध में इलायची डालने से स्वाद के साथ पेट को भी आराम मिलता है।

तुलसी- तुलसी के पत्तों को भारतीय परंपरा में औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है। रिसर्च के मुताबिक, तुलसी में यूजेनॉल जैसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जो सूजन कम करने और पेट को शांत रखने में मदद करते हैं।​ 

 
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