32 C
Mumbai
Friday, May 29, 2026
होमन्यूज़ अपडेटराजस्थान के सरकारी अस्पतालों में नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन, 5 गर्भवती महिलाओं की...

राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन, 5 गर्भवती महिलाओं की मौत

गुणवत्ता जांच में फेल हुई ऑक्सीटोसिन की खेप पर राज्यभर में रोक; कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इस्तेमाल हुई थी संदिग्ध दवा

Google News Follow

Related

राजस्थान में सरकारी अस्पतालों को सप्लाई की गई ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की एक खेप गुणवत्ता जांच में फेल पाई गई है, जिसके बाद राज्य के औषधि नियंत्रण विभाग ने उसके इस्तेमाल और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अधिकारियों के अनुसार यह वही बैच था जिसका उपयोग कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी किया गया था, जहां हाल के दिनों में कई गर्भवती और प्रसव के बाद की महिलाओं की मौत हुई है।

ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का इस्तेमाल आमतौर पर प्रसव के दौरान और उसके बाद अत्यधिक रक्तस्राव रोकने के लिए किया जाता है। लेकिन प्रयोगशाला जांच में सामने आया कि संबंधित इंजेक्शन में खून जमाने के लिए आवश्यक तत्व पर्याप्त मात्रा में मौजूद नहीं था। प्रारंभिक जांच में इसे कथित तौर पर नकली या घटिया गुणवत्ता वाली दवा माना जा रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक अमृतसर स्थित जैक्सन लैब्रटॉरिज द्वारा निर्मित इस ऑक्सीटोसिन बैच का उपयोग कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी किया गया था। हाल के दिनों में यहां सी-सेक्शन और गर्भाशय संबंधी सर्जरी के बाद कई महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार कम से कम पांच महिलाओं की सरकारी अस्पतालों में मौत हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑपरेशन के 8 से 12 घंटे के भीतर मरीजों का ब्लड प्रेशर तेजी से गिर गया, प्लेटलेट काउंट कम हो गया और कई मामलों में किडनी फेल होने जैसे लक्षण भी सामने आए।

जांच एजेंसियां अस्पतालों में इस्तेमाल हुई IV फ्लूइड की कुछ खेपों की भी जांच कर रही हैं, जिनके फेल होने की आशंका जताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान सरकार ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

साथ ही जयपुर के SMS मेडिकल कॉलेज से विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम कोटा भेजी गई है, जो मरीजों के इलाज में मदद करने के साथ-साथ मौतों के संभावित कारणों की भी जांच कर रही है।

हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मौतों के पीछे की सटीक वजह की अभी पुष्टि नहीं हुई है और जांच समिति की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

राजस्थान ड्रग कंट्रोलर अजय पाठक ने कहा कि ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के सैंपल जांच में फेल पाए गए, जिसके बाद कोटा अस्पताल में मौजूद पूरी खेप को जब्त कर लिया गया। राज्यभर में इस दवा की बिक्री और इस्तेमाल रोक दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने मामले से जुड़े कुछ चिकित्सा कर्मचारियों को भी जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब राजस्थान में संदिग्ध नकली और घटिया दवाओं के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार पिछले 10 दिनों में राज्यभर से लिए गए 11 दवाओं के नमूने गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार प्रारंभिक जांच में बुखार, एलर्जी, पेट संक्रमण, आपातकालीन दर्द प्रबंधन और एंटीबायोटिक दवाओं सहित कई दवाएं घटिया या नकली पाई गई हैं। बताया जा रहा है कि ये दवाएं राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड, दिल्ली और महाराष्ट्र की विभिन्न कंपनियों द्वारा निर्मित थीं।

फिलहाल जांच एजेंसियां दवा सप्लाई चेन, अस्पतालों में उपयोग किए गए बैच और संबंधित कंपनियों की भूमिका की विस्तृत जांच कर रही हैं।

यह भी पढ़ें:

ट्रंप के अब्राहम अकॉर्ड्स प्रस्ताव से असीम मुनीर के छूटे पसीने

‘डॉन 3’ विवाद में फंसे रणवीर सिंह पर FWICE ने लगाया असहयोग प्रतिबंध, अभिनेता ने तोड़ी चुप्पी

7 घंटे, 300 पर्यटक; बंद पड़े गुलमर्ग रोपवे के लिए कैसे चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन?

कर्नाटक सरकार फेरबदल की आहट, दिल्ली पहुंचे सिद्धारमैया-डीके शिवकुमार की बैठक पर टिकी नजरें

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,477फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
309,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें