राज्य की एक महत्वाकांक्षी परियोजना ‘मिसिंग लिंक’ आज से आम लोगों के लिए शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के हाथों महाराष्ट्र दिवस यानी 1 मई को इस परियोजना का उद्घाटन किया गया। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर खोपोली एग्जिट से कुसगांव तक ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना विकसित की गई है। इस परियोजना के शुरू होने से घाट क्षेत्र में ट्रैफिक जाम में काफी कमी आएगी और यात्रा अधिक तेज व सुरक्षित हो जाएगी। इससे यात्रा का समय बचेगा और लोगों को घाट में लगने वाली लंबी ट्रैफिक कतारों से राहत मिलेगी।
‘मिसिंग लिंक’ केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि आधुनिक इंजीनियरिंग का एक अद्भुत उदाहरण है। इसका मुख्य आकर्षण 23.5 मीटर चौड़ा सुरंग (टनल) है, जिसे दुनिया का सबसे चौड़ा टनल होने के कारण गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। यह टनल लोनावला झील के करीब 180 मीटर नीचे बनाई गई है।
महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल द्वारा लगभग 6,700 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस परियोजना में दो सुरंगें, दो फ्लाईओवर और टाइगर वैली पर बना एक केबल-स्टेड पुल शामिल है। यह परियोजना खंडाला और भोर घाट जैसे खतरनाक और दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों को बायपास करती है, जहां खासकर सप्ताहांत और छुट्टियों के दौरान भारी ट्रैफिक जाम लगता है।
अधिकारियों के अनुसार, ‘मिसिंग लिंक’ के कारण मुंबई-पुणे यात्रा की दूरी लगभग 6 किलोमीटर कम हो जाएगी और समय में 20 से 30 मिनट की बचत होगी। शुरुआत में इस नए मार्ग पर केवल हल्के वाहन और बसों को ही अनुमति दी जाएगी, जबकि भारी वाहनों को सुरक्षा कारणों से पुराने घाट मार्ग का ही उपयोग करना होगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे व उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार यांनी यशवंतराव चव्हाण मुंबई-पुणे द्रुतगती मार्ग क्षमतावाढ अंतर्गत ‘मिसिंग लिंक’ प्रकल्पातील
लोणावळा परिसरात उभारलेल्या 22.33 मीटर रुंदीच्या जगातील सर्वात रुंद भूमिगत बोगद्यासाठी गिनीज वर्ल्ड… pic.twitter.com/YkDlUKlZDy— CMO Maharashtra (@CMOMaharashtra) May 1, 2026
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस परियोजना के तहत रायगढ़ जिले के खालापुर टोल प्लाजा पर किसी प्रकार की टोल वृद्धि का प्रस्ताव नहीं है। इन सुरंगों का निर्माण ‘न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड’ से किया गया है, जिसके लिए सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला की विभिन्न चट्टानी संरचनाओं का विस्तृत भूवैज्ञानिक अध्ययन किया गया।
सुरंग नंबर 1 की लंबाई 1.58 किलोमीटर और सुरंग नंबर 2 की लंबाई 8.86 किलोमीटर है। दोनों सुरंगें लगभग 23.5 मीटर चौड़ी हैं और दुनिया की सबसे चौड़ी सड़क सुरंगों में शामिल हैं। 650 मीटर लंबे इस वायाडक्ट पर भारत का सबसे ऊंचा केबल-स्टेड पुल बनाया गया है, जिसके पिलर 182 मीटर ऊंचे हैं और 240 स्टे केबल्स से समर्थित हैं। इस पुल का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विंड टनल, फटीग और टेंसाइल परीक्षण किया गया है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सुरंग नंबर 2 लोनावला झील के स्तर से करीब 180 मीटर नीचे गुजरती है, जिससे खुदाई और ब्लास्टिंग का कार्य तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण था। यह मार्ग भारी बारिश, तेज हवाओं और कम दृश्यता वाले कठिन पहाड़ी क्षेत्र से होकर तैयार किया गया है।
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