31.4 C
Mumbai
Sunday, May 10, 2026
होमदेश दुनियाभोपाल दक्षिण-पश्चिम चुनाव मामला सुप्रीम कोर्ट में, सच सामने आएगा: शर्मा!

भोपाल दक्षिण-पश्चिम चुनाव मामला सुप्रीम कोर्ट में, सच सामने आएगा: शर्मा!

कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए पीसी शर्मा ने भोपाल के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के चुनावी नतीजे की स्थिति पर जोर दिया।

Google News Follow

Related

मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और विधानसभा का चुनाव हारने वाले पीसी शर्मा का कहना है कि भोपाल दक्षिण-पश्चिम चुनाव का मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है और सच सामने आएगा।

कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए पीसी शर्मा ने भोपाल के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के चुनावी नतीजे की स्थिति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह मामला विशेष याचिका के जरिए सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है और नोटिस भी जारी किया गया है।

भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार रहे पूर्व मंत्री शर्मा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी सिविल की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने संज्ञान लिया है और नोटिस जारी किए हैं।

शर्मा ने बताया कि नवंबर 2023 में संपन्न मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के अंतर्गत 17 नवंबर 2023 को मतदान हुआ था, जिसमें वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रत्याशी थे। तीन दिसंबर 2023 को हुई मतगणना में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी को विजयी घोषित किया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि बैलेट पेपर से प्राप्त मतों में उन्हें लगभग 25 प्रतिशत अधिक समर्थन मिला था, जबकि ईवीएम मशीनों की मतगणना में परिणाम पूरी तरह विपरीत दिखाई दिए। जिन ईवीएम मशीनों में बैटरी स्तर 99 प्रतिशत था, वहां भाजपा प्रत्याशी की जीत हुई, जबकि जिन मशीनों में बैटरी स्तर 60 से 70 उनमें कांग्रेस को बढ़त मिली।

पीसी शर्मा ने यह भी कहा कि उनके पास स्ट्रॉन्ग रूम की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है, जिसमें ईवीएम मशीनों के साथ कथित छेड़छाड़ (टेंपरिंग) के संकेत मिलते हैं। उन्होंने चुनाव के बाद सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत गणना स्थल की सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी जानकारी मांगी|

लेकिन चुनाव आयोग द्वारा इसे न्यायालय के आदेशों के अधीन बताते हुए उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके अतिरिक्त, ईवीएम और वीवीपैट मशीनों में प्रयुक्त बैटरी की क्षमता और उपयोग से संबंधित जानकारी भी मांगी गई, जिसे निर्माता कंपनी की ओर से अत्यधिक गोपनीय बताते हुए देने से इंकार कर दिया गया।

कांग्रेस नेता ने कहा कि गोपनीयता और जानकारी छुपाना चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है और इससे निष्पक्ष चुनाव की अवधारणा को ठेस पहुंची है।

उन्होंने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंताजनक है और इससे लोकतंत्र को गहरा आघात पहुंचा है। पीसी शर्मा ने कहा कि चूंकि मामला वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है, उन्हें पूर्ण विश्वास है कि न्यायालय सत्य को सामने लाकर लोकतंत्र की रक्षा करेगा।

 
यह भी पढ़ें-

मेट्रो पोस्टर केस का मुख्य आरोपी शब्बीर लोन गिरफ्तार, 5 दिनो की पुलिस कस्टडी!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,089फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
306,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें