33 C
Mumbai
Tuesday, June 2, 2026
होमन्यूज़ अपडेटराजशिष्टाचार उल्लंघन पर वविशम निगम में भाजपा का जोरदार आंदोलन, इंजीनियरों पर...

राजशिष्टाचार उल्लंघन पर वविशम निगम में भाजपा का जोरदार आंदोलन, इंजीनियरों पर कार्रवाई!

पालघर लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. हेमंत सवरा और वसई की विधायक स्नेहा दुबे-पंडित के नाम निमंत्रण पत्र से पूरी तरह हटा दिए गए थे।

Google News Follow

Related

वसई-विरार शहर महानगरपालिका की प्रभाग समिति ‘ए’ की नई इमारत के लोकार्पण और चंदनसार स्थित ट्रॉमा सेंटर के भूमिपूजन कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र में जनप्रतिनिधियों के नाम न होने का मामला सामने आने के बाद शहर में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा विरोध जताया और नगर निगम मुख्यालय पर आंदोलन किया।

पालघर लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. हेमंत सवरा और वसई की विधायक स्नेहा दुबे-पंडित के नाम निमंत्रण पत्र से पूरी तरह हटा दिए गए थे। वहीं नालासोपारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजन नाईक का नाम भी राजशिष्टाचार का पालन किए बिना पूर्व पदाधिकारियों के बाद छापा गया। इसे गंभीर प्रोटोकॉल उल्लंघन मानते हुए भाजपा ने कड़ा रुख अपनाया।
विपक्ष के नेता मनोज पाटिल, गटनेता अशोक शेलके और जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में भाजपा के 43 नगरसेवकों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नगर निगम मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह महाराष्ट्र सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 20 नवंबर 2025 को जारी सरकारी परिपत्र का खुला उल्लंघन है।
आंदोलन की सूचना मिलने के बाद ​मनपा आयुक्त मनोज कुमार सूर्यवंशी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। इससे नाराज़ कार्यकर्ताओं ने सीधे आयुक्त के केबिन का घेराव कर लिया। बाद में स्थिति को देखते हुए प्रतिनिधिमंडल ने महापौर अजीव पाटिल, स्थायी समिति के सभापति प्रवीण शेट्टी और अतिरिक्त आयुक्त संजय हेरवाडे से मुलाकात कर इस मुद्दे पर चर्चा की।
विपक्ष के नेता मनोज पाटिल ने आयुक्त को दिए पत्र में कहा कि जब विधानमंडल का बजट सत्र चल रहा हो, तब ऐसे कार्यक्रम आयोजित करना सरकारी परिपत्र के नियमों के खिलाफ है। उन्होंने दोषी अधिकारियों के नाम सार्वजनिक कर सात दिनों के भीतर सख्त कार्रवाई की मांग भी की।
आखिरकार आंदोलन के दबाव में नगर निगम प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी। अतिरिक्त आयुक्त संजय हेरवाडे ने लिखित स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि संबंधित निमंत्रण पत्र निगम द्वारा आधिकारिक रूप से प्रकाशित नहीं किया गया था। हालांकि राजशिष्टाचार का पालन न करने और आयुक्त की पूर्व अनुमति के बिना निमंत्रण जारी करने के कारण प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की।
इस मामले में शहर अभियंता प्रदीप पाचंगे और उप-अभियंता सतीश सूर्यवंशी को महाराष्ट्र सिविल सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1979 के तहत अनुशासनात्मक नोटिस जारी की गई है। इस कार्रवाई से नगर निगम के प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए “राजशिष्टाचार अनुपालन कक्ष” बनाने की मांग भी तेज हो गई है।
यह भी पढ़ें-

उत्तर कोरिया ने जापान सागर की ओर दागे करीब 10 बैलिस्टिक मिसाइल

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,460फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
310,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें