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Tuesday, June 30, 2026
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एआई समिट विवाद पर भाजपा ने कांग्रेस दफ्तर घेरा!

उन्होंने कहा था कि वे मान सिंह रोड गोल चक्कर से कांग्रेस मुख्यालय तक मार्च का नेतृत्व करेंगे और समिट स्थल पर हुई कथित 'हंगामेबाजी' के खिलाफ आवाज उठाएंगे।

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भाजपा कार्यकर्ताओं ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। यह विरोध भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन के खिलाफ किया गया।

इस विरोध मार्च की घोषणा एक दिन पहले दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने की थी। उन्होंने कहा था कि वे मान सिंह रोड गोलचक्कर से कांग्रेस मुख्यालय तक मार्च का नेतृत्व करेंगे और समिट स्थल पर हुई कथित ‘हंगामेबाजी’ के खिलाफ आवाज उठाएंगे।

प्रदर्शन स्थल पर मीडिया से बात करते हुए दिल्ली भाजपा मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता स्वेच्छा से बड़ी संख्या में यहां जुटे हैं। देश को इस वैश्विक एआई समिट पर गर्व है और यह आयोजन भविष्य में देश को करोड़ों रुपए का लाभ और हजारों रोजगार देने वाला साबित होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि समिट के दौरान विरोध प्रदर्शन कर राहुल गांधी ने अपनी राजनीतिक निराशा दिखाई है और देश इसे माफ नहीं करेगा।

इससे पहले वीरेंद्र सचदेवा ने दावा किया था कि समिट स्थल पर ‘शर्टलेस’ प्रदर्शन के आरोप में हिरासत में लिए गए 10 लोग वास्तविक कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं, बल्कि किराए के उपद्रवी थे। जब देश के युवा एआई समिट में नवाचार प्रदर्शित कर रहे थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, तब इस तरह का व्यवधान दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली बातें करता रहा है। इस विरोध प्रदर्शन में वीरेंद्र सचदेवा के साथ भाजपा सांसद मनोज तिवारी भी नजर आए। मनोज तिवारी राहुल गांधी के खिलाफ ‘देश के गद्दार’ कह कर नारे लगा रहे थे।

कर्नाटक में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी इस घटना की आलोचना करते हुए कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष को देश से माफी मांगनी चाहिए।

उधर, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने भी विरोध प्रदर्शन को गैर-जिम्मेदाराना बताया। उन्होंने कहा कि जब भारत की धरती पर 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और दुनिया भर के प्रतिनिधि मौजूद थे और भारत एआई क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व प्रदर्शित कर रहा था, तब ऐसे प्रतिष्ठित आयोजन में इस तरह का व्यवहार देशहित में नहीं कहा जा सकता।

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