हरियाणा में हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में अपने चार विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन विधायकों पर भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने का आरोप है। कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने बताया कि कुल पांच विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की थी। उन्होंने कहा, “कुल पांच MLA ने क्रॉस-वोटिंग की। पांचवें MLA के खिलाफ जल्द ही एक्शन लिया जाएगा। मैंने हाईकमान को रिपोर्ट भेज दी है। उन सभी के खिलाफ आखिरी एक्शन हाईकमान ही तय करेगा।”
जिन विधायकों को नोटिस जारी किया गया है उनमें शैली चौधरी, रेणु बाला, मोहम्मद इलियास और मोहम्मद इसराइल शामिल हैं। इन सभी पर 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में पार्टी लाइन के खिलाफ मतदान करने का आरोप है।
पार्टी की अनुशासन समिति के अध्यक्ष धर्मपाल मलिक ने अपने बयान में कहा, “पार्टी लीडरशिप के ध्यान में लाया गया है कि 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव के दौरान, आपने कथित तौर पर तय प्रक्रिया और पार्टी द्वारा जारी आधिकारिक निर्देश के खिलाफ अपना वोट डाला, जिसके कारण आपका वोट रद्द/अमान्य हो गया।”
नोटिस में आगे कहा गया कि यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह पार्टी के आधिकारिक रुख को कमजोर करने और अनुशासन का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। इसे पार्टी विरोधी गतिविधियाँ करार देते हुए पार्टी संविधान और नियमों के खिलाफ बताया गया है।
सभी विधायकों को 7 दिनों के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है। यदि तय समय में जवाब नहीं दिया जाता है, तो पार्टी यह मान लेगी कि उनके पास कोई स्पष्टीकरण नहीं है और आगे की कार्रवाई एकतरफा की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि शैले चौधरी और रेनू बाला दो-दो बार विधायक रह चुकी हैं, जबकि मोहम्मद इलियास पांच बार विधायक चुने गए हैं। मोहम्मद इसराइल पहली बार हथीन सीट से विधायक बने हैं। इस घटनाक्रम को हरियाणा की राजनीति में बड़ा झटका माना जा रहा है, जहां राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग ने कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों को उजागर कर दिया है। अब पार्टी नेतृत्व के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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