पंजाब के मंत्री संजीव अरोरा के आवास पर ईडी की छापेमारी

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच

पंजाब के मंत्री संजीव अरोरा के आवास पर ईडी की छापेमारी

ED raids Punjab minister Sanjeev Arora's residence

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार(17 अप्रैल) को पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोरा के घर पर छापा मारा। सुबह-सुबह लुधियाना स्थित उनके आवास पर ईडी की टीम पहुंची, जबकि बाहर केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात किए गए। मंत्री संजीव अरोरा के घर के साथ-साथ उनके अन्य कुछ ठिकानों पर भी एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया।

जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पुराने मामलों और कुछ भूमि सौदों में कथित अनियमितताओं के संदेह के आधार पर की जा रही है। हालांकि, ईडी की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। इस पर आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “ईडी ने अब पंजाब के मंत्री संजीव अरोरा के घर पर छापा मारा है। यह एक स्पष्ट पैटर्न है। भाजपा किसी भी राज्य में चुनाव की तैयारी इसी तरह शुरू करती है।”

वहीं पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने भी इस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “तीन दिनों में पंजाब में आम आदमी पार्टी के खिलाफ ईडी की यह दूसरी कार्रवाई है। अब कैबिनेट मंत्री संजीव अरोरा के घर पर भी छापा पड़ा है। केंद्र सरकार ने बेशर्मी की सभी सीमाएं पार कर दी हैं। अब लोकतंत्र सिर्फ दिखावा रह गया है और स्थिति ऐसी है मानो सीधे तानाशाही लागू कर दी गई हो। फिर पश्चिम बंगाल में ईडी के साथ जो होता है, उसे सही ही कहना पड़ेगा।”

कैबिनेट मंत्री संजीव अरोरा को भगवंत मान सरकार में एक प्रभावशाली नेता माना जाता है। इसका कारण यह है कि वे उद्योग मंत्री हैं और उनके पास निवेश तथा ऊर्जा मंत्रालयों की भी जिम्मेदारी है। हाल ही में हुए मंत्रिमंडल फेरबदल में उनके अधिकारों को और बढ़ाया गया था, जिसमें उन्हें स्थानीय प्रशासन विभाग भी सौंपा गया। वे पंजाब सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों में शामिल हैं। इससे पहले वे राज्यसभा सांसद थे और पंजाब सरकार में शामिल होने के लिए उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।

इससे पहले 15 अप्रैल को भी ईडी ने आम आदमी पार्टी से जुड़े राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल और उनके परिवार से संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस समय गुरुग्राम, पंजाब और जालंधर सहित कई स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की गई थी। यह जांच कथित फंड लेन-देन और एक विश्वविद्यालय से जुड़ी आर्थिक अनियमितताओं के आरोपों के आधार पर की जा रही है।

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