28 C
Mumbai
Saturday, April 18, 2026
होमबिजनेसबैंकों की बीमा ‘मिस-सेलिंग’ पर वित्त मंत्री सख्त, कहा– मूल बैंकिंग पर...

बैंकों की बीमा ‘मिस-सेलिंग’ पर वित्त मंत्री सख्त, कहा– मूल बैंकिंग पर दें ध्यान

1 जुलाई से लागू होंगे RBI के सख्त नियम

Google News Follow

Related

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों द्वारा बीमा समेत वित्तीय उत्पादों की ‘मिस-सेलिंग’ पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें डिपोसिट जुटाने और जिम्मेदार ऋण वितरण जैसे मूल बैंकिंग कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा है। उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के उन मसौदा दिशानिर्देशों का स्वागत किया, जिनमें ग्राहकों को पूरी राशि वापस करने और नुकसान की भरपाई का प्रावधान किया गया है। ये सख्त नियम 1 जुलाई से लागू होंगे।

केंद्रीय बजट के बाद RBI के केंद्रीय निदेशक मंडल को संबोधित करने के उपरांत मीडिया से बातचीत में मंत्री ने कहा, “बैंकों को अपने कोर बिज़नेस पर ध्यान देना चाहिए…मेरी सबसे बड़ी शिकायत हमेशा से यही रही है…आप इंश्योरेंस बेचने में ज़्यादा समय लगा रहे हैं, जबकि इसकी ज़रूरत नहीं है, और आसानी से, यह दो कुर्सियों (RBI और IRDAI) के बीच में आ गया।” उन्होंने संकेत दिया कि RBI और बीमा नियामक IRDAI के बीच नियामकीय अस्पष्टता का खामियाजा ग्राहकों को उठाना पड़ा।

11 फरवरी को RBI ने ‘मिस-सेलिंग’ पर मसौदा दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा था कि यदि किसी उत्पाद या सेवा की गलत बिक्री पाई जाती है तो बैंक को ग्राहक द्वारा चुकाई गई पूरी राशि लौटानी होगी और स्वीकृत नीति के अनुसार नुकसान की भरपाई भी करनी होगी। इस पर 4 मार्च तक सार्वजनिक टिप्पणियां आमंत्रित की गई हैं।

सिथारमण ने कहा, “मुझे खुशी है कि RBI इस बारे में गाइडेंस दे रहा है कि मिस-सेलिंग क्यों नहीं होने दी जाएगी…आप मिस-सेलिंग का जोखिम नहीं उठा सकते।” उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार होम लोन लेते समय, जब संपत्ति पहले से ही गिरवी होती है, तब भी ग्राहकों पर अतिरिक्त बीमा लेने का दबाव डाला जाता है। “…जब मैं अपनी प्रॉपर्टी होम लोन के लिए दे रहा हूँ, तो मुझसे इंश्योरेंस लेने के लिए क्यों कहा जा रहा है? …तो, उससे डी-रिस्क के लिए क्या कहा जा रहा है?” उन्होंने सवाल उठाया।

मंत्री ने बैंकों से कहा कि वे CASA (करंट अकाउंट–सेविंग्स अकाउंट) जैसे कम-लागत जमा आधार को मजबूत करें, ग्राहकों की जरूरतों को समझें और संबंध-आधारित बैंकिंग पर जोर दें। उनके अनुसार, गैर-बैंकिंग उत्पादों की बिक्री पर अत्यधिक जोर से ग्राहक असंतोष और ‘इम्पर्सनल’ बैंकिंग बढ़ी है।

इस बीच, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि बैंकिंग प्रणाली में जमा वृद्धि लगभग 12.5% और अग्रिम (लोन) वृद्धि 14.5% की दर से हो रही है। फरवरी 2025 से RBI ने बेंचमार्क रेपो दर में 125 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर इसे 5.25% किया है। हालांकि, हालिया मौद्रिक नीति में वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यथास्थिति बनाए रखी गई। अगली द्विमासिक नीति 6 अप्रैल को घोषित होगी।

केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) पर गवर्नर ने कहा कि यह फिलहाल नकद या अन्य तेज भुगतान प्रणालियों का विकल्प नहीं है। 2022 में लॉन्च की गई रिटेल CBDC को मुद्रा के डिजिटल रूप के तौर पर पेश किया गया है, न कि UPI के विकल्प के रूप में।

यह भी पढ़ें:

एआई समिट में ‘शर्टलेस’ आंदोलन करवाने के आरोप में युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार

26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड आतंकी तहव्वुर राणा की कनाडाई नागरिकता होगी रद्द

कर्नाटक: उद्घाटन का निमंत्रण ईमेल से मिलने पर नाराज हुए कांग्रेस विधायक; कंपनी की बिजली काटने के दी धमकी

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,182फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
303,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें